बारिश में बढ़ा सर्पदंश का खतरा, डेढ़ माह में 39 मरीज पहुंचे सिम्स,जुलाई में 29 और अगस्त के 12 दिनों में 10 मरीज आए

ज्यादातर ग्रामीण इलाकों से समय पर इलाज से सभी की बची जान
बिलासपुर। बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गई हैं। सिम्स में जुलाई के 31 दिनों में सांप के काटने के 29 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जबकि अगस्त के शुरुआती 12 दिनों में ही 10 मामले सामने आ चुके हैं। इस तरह जुलाई और अगस्त के पहले 12 दिनों में कुल 39 मरीज सर्पदंश का उपचार कराने सिम्स पहुंचे। यानी इस अवधि में औसतन लगभग रोज एक सर्पदंश पीड़ित अस्पताल पहुंचा। राहत की बात यह है कि समय पर उपचार मिलने के कारण सभी मरीजों की जान बच गई।
दरअसल बारिश के दौरान खेतों, झाड़ियों और घरों के आसपास पानी भरने के कारण सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में बाहर निकलते हैं। यही वजह है कि ग्रामीण और बाहरी क्षेत्रों से सर्पदंश के मरीज बड़ी संख्या में सिम्स पहुंच रहे हैं।
खेतों में काम करने वाले लोगों के अलावा घरों के आसपास लकड़ी, कबाड़ या अन्य सामान रखने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। रात या बारिश के दौरान घर के आंगन और आसपास के स्थानों पर जाते समय टॉर्च का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।
झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें
डॉक्टरों के अनुसार सांप के काटने के बाद मरीज को घबराने या दौड़ने-चलने के बजाय शांत रखना चाहिए और उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। कई बार परिजन पहले झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में समय गंवा देते हैं। इससे शरीर में जहर फैलने पर मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है।
सांप के काटे स्थान पर चीरा लगाने, जहर चूसने या किसी तरह का घरेलू प्रयोग करने से भी बचना चाहिए। सबसे जरूरी है कि मरीज को बिना देरी किए ऐसे अस्पताल ले जाया जाए, जहां सर्पदंश के उपचार की सुविधा उपलब्ध हो।
सिम्स में एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त
सिम्स में सर्पदंश के मरीजों के उपचार के लिए एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचने और उचित उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से मरीज को बचाया जा सकता है।
बारिश के मौसम में बढ़ते सर्पदंश के मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने और सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार लेने की अपील की है।
डॉक्टर बोले,सांप काटने के बाद तत्काल पहुंचे अस्पताल
डॉ. लखन सिंह, एमएस, सिम्स ने बताया कि सांप के काटने के बाद किसी तरह का घरेलू उपचार करने के बजाय मरीज को सीधे अस्पताल लाना चाहिए। समय पर उपचार मिलने पर सर्पदंश के गंभीर मामलों में भी मरीज की जान बचाई जा सकती है।