Blog

करोड़ो की स्ट्रीट लाइट के बाद भी अंधेरे में रतनपुरसीएमओ मानी तकनीकी खामी..अध्यक्ष बोले- शपथ से पहले लौटा दी गई ठेकेदार की अमानत राशि

करंट से हो रहे मवेशियों की मौत

बिलासपुर। मां महामाया की नगरी रतनपुर को आधुनिक स्वरूप देने के लिए नगर पालिका ने गौरव पथ परियोजना के तहत करीब 3 करोड़ 54 लाख रुपये खर्च कर एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगवाई थीं। दावा था कि शहर की मुख्य सड़कें रात में भी जगमग रहेंगी और लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन मिलेगा। लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज शहर के कई वार्ड, मुख्य मार्ग और खुद गौरव पथ अंधेरे में डूबे हुए हैं।
रात होते ही लोगों को मोबाइल की टॉर्च और वाहनों की हेडलाइट के भरोसे सफर करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महीनों से कई स्ट्रीट लाइटें बंद हैं, शिकायतें भी हुईं, लेकिन हालात नहीं बदले।

दरअसल जिस गौरव पथ को रतनपुर के विकास की पहचान बताया गया था, आज वही बदहाल व्यवस्था की मिसाल बन गया है। करोड़ों रुपये खर्च कर लगाई गई एलईडी स्ट्रीट लाइटों का बड़ा हिस्सा बंद पड़ा है। धार्मिक नगरी होने के कारण हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, लेकिन रात के समय अंधेरा उनकी परेशानी बढ़ा रहा है।

चुनाव में खूब बंटी वाहवाही,अब जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं

नगर निकाय चुनाव के दौरान यह परियोजना राजनीतिक मंचों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी गई। सत्ता पक्ष ने इसे विकास का मॉडल बताया तो विपक्ष ने भी इसे चुनावी मुद्दा बनाया। शहर को रोशन करने के बड़े-बड़े वादे हुए और श्रेय लेने की होड़ मची रही। लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद न शहर रोशन हुआ और न ही इस परियोजना की जिम्मेदारी लेने वाला कोई सामने आया।
स्ट्रीट लाइट परियोजना में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सबसे पहले कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने उठाया था।उन्होंने कार्य की गुणवत्ता, करोड़ों रुपये के भुगतान और संभावित भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े करते हुए जांच की मांग भी की थी। लेकिन समय बीतने के साथ यह मुद्दा भी ठंडा पड़ गया। आज जब शहर अंधेरे में है, बिजली के पोलों में करंट आने से मवेशियों की जान जा चुकी है और नगर पालिका के जिम्मेदार खुद तकनीकी खामियों की बात स्वीकार कर रहे हैं, तब विधायक की ओर से भी इस मामले में कोई नई पहल या सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।ऐसे में सवाल सिर्फ अधिकारियों पर ही नहीं, बल्कि उन जनप्रतिनिधियों पर भी उठ रहे हैं जिन्होंने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था।

करंट वाले पोल बन गए जानलेवा

बंद स्ट्रीट लाइटों से भी ज्यादा गंभीर मामला बिजली के पोलों में करंट आने का है। कई स्थानों पर पोलों में करंट आने की शिकायतें सामने आई हैं और इसकी चपेट में आकर मवेशियों की मौत भी हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

नगर पालिका अध्यक्ष का बड़ा दावा शपथ लेने से पहले लौटा दी गई अमानत राशि

इसी बीच नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप ने भी बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार इस परियोजना में ठेकेदार की अमानत राशि का भुगतान तय समय से पहले ही कर दिया गया था। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि यह भुगतान उनके अध्यक्ष पद की शपथ लेने से पहले ही हो चुका था। यदि यह दावा सही है तो मामला और गंभीर हो जाता है। क्योंकि एक ओर नगर पालिका खुद मान रही है कि तकनीकी खामियां थीं, वहीं दूसरी ओर ठेकेदार की अमानत राशि समय से पहले लौटाए जाने की बात सामने आ रही है।

सीएमओ बोले,बिजली खराब हो गया था वायर जल गया था,गलती लाइनमैन की है।

नगर पालिका के सीएमओ ने इस पूरे मामले में सफाई देते हुए कहा कि स्ट्रीट लाइट लगाने के दौरान कई पोलों में पूरा विद्युत कनेक्शन नहीं किया गया था। इसी वजह से कई पोलों में करंट आने की समस्या बनी और स्ट्रीट लाइटें भी प्रभावित हुईं। जिसके कारण कई पोल की बिजली जल गए थे और इसी कारण बिजली बंद भी है।उनका कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर करने की प्रक्रिया चल रही है।
दो दिनों में बिजली की व्यवस्था को सुधार लिया जाएगा।यह पूरी गलती लाइनमैन की है।

अध्यक्ष बोले,मैने दो बार पत्र लिखा है एक ईओडब्लू और एक जेडी को

नगर पालिका अध्यक्ष लव कुश कश्यप का कहना है कि स्ट्रीट लाइट के लिए मैने कई बार सीएमओ को कहा है लेकिन आज तक बिजली के लिय काम नहीं हुआ है।इसके बाद मैने परिषद की बैठक करके एक महीने पहले ईओडब्ल्यू और जेडी को पत्र लिया है।यह मामला मेरे कार्यकाल का नहीं है पूर्व कार्यकाल का है।इसलिए जांच की मांग की गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *