अवैध शराब परिवहन करते दो आरोपी गिरफ्तार,50 पाव देशी शराब जब्त

बिल्हा पुलिस की कार्रवाई, 9 लीटर शराब और परिवहन में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त
बिलासपुर। अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत बिल्हा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 50 नग देशी प्लेन शराब बरामद की है। जब्त शराब की कुल मात्रा 9 लीटर और कीमत करीब 4,200 रुपये बताई गई है। शराब परिवहन में इस्तेमाल मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा राजेश जोशी के मार्गदर्शन में बिल्हा पुलिस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क और बीट भ्रमण के माध्यम से अवैध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही थी।
इसी दौरान 23 अगस्त 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति दगौरी शराब भट्ठी से बड़ी मात्रा में शराब लेकर मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 22 एडी 5263 से बिल्हा की ओर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने उडगन रेलवे फाटक के पास घेराबंदी कर संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोक लिया।
पूछताछ में मोटरसाइकिल चालक ने अपना नाम देवकुमार निर्मलकर (38), निवासी मंगला, थाना बिल्हा बताया, जबकि पीछे बैठे व्यक्ति की पहचान शनि पटेल (32), निवासी मंगला, थाना बिल्हा के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल की डिक्की से 20 नग देशी प्लेन शराब बरामद हुई। वहीं शनि पटेल के कब्जे में रखी सफेद प्लास्टिक बोरी से 30 नग देशी प्लेन शराब मिली। दोनों के कब्जे से कुल 50 नग देशी प्लेन शराब, 9 लीटर, जिसकी कीमत करीब 4,200 रुपये बताई गई है, जब्त की गई। शराब परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
बिल्हा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 433/2026, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, उप निरीक्षक जी.एल. चन्द्राकर, आरक्षक अर्जुन जांगड़े एवं आरक्षक सुमन चंद्रवंशी का विशेष योगदान रहा।