एसएसपी ने आरक्षक को किया फोर्सली रिटायर
बिलासपुर। शासकीय सेवा से लगातार बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले आरक्षक को वीआरएस दे दिया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने आदेश जारी कर दिया है।
दरअसल आरक्षक दिनेश प्रधान, रक्षित केन्द्र, बिलासपुर अलग-अलग तिथियों में 2 बार अनुपस्थित रहकर 30. नवंबर.2023 से 03 जनवरी 2024 तक 32 दिवस एवम् 11 सितंबर 2024 से 03 अक्टूबर 2024 तक 22 दिवस कुल 54 दिवस कर्तव्य से विना किसी सूचना के अनाधिकृत रूप से गैरहाजिर रहना पाया गया।अपचारी आर. दिनेश प्रधान, रक्षित केन्द्र बिलासपुर को 29. नंवबर. 2023 को जिला बीजापुर डाक वितरण ड्यूटी हेतु रवानगी दी गई थी जिसे डाक वितरण उपरांत 02 दिसंबर 2023 तक वापस आ जाना चाहिये था किन्तु आरक्षक के उपस्थित नहीं होने पर रक्षित केन्द्र के रो.सा. 480 10 दिसंबर 2023 को गैरहाजिरी रिपोर्ट दर्ज की गई तथा आरक्षक के 32 दिवस पश्चात् 03 जनवरी 2024 को कर्तव्य में उपस्थित होने पर रक्षित केन्द्र के रो.सा.क्रमांक-29 3. जनवरी. 2024 में आमद रिपोर्ट दर्ज किया।
बिना सूचना 54 दिन अनुपस्थित रहा
इसी प्रकार अपचारी आरक्षक को पी.पी. कोर्स के लिए पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र मैनपाट रवाना किया गया था जिस पर उसके द्वारा पी.पी. कोर्स नहीं करने की असमर्थता जाहिर करने पर उसे पीटीएस मैनपाट से 10. सितंबर 2024 को मूल इकाई जिला-बिलासपुर के लिए वापस किया गया था किन्तु आरक्षक द्वारा बिना किसी सूचना के गैरहाजिर होकर 03 अक्टूबर 2024 को 22 दिवस पश्चात रक्षित केन्द्र बिलासपुर में आमद दिया गया। इस प्रकार कुल 54 दिवस अनुपस्थिति के सम्बंध में भूपेंद्र गुप्ता, रक्षित निरीक्षक बिलासपुर से मस्तूरी प्राथमिक जांच कराई गई। प्राथमिक जॉच अनुसार अपचारी आर. दिनेश प्रधान द्वारा बिना किसी सूचना के अनाधिकृत रूप से 54 दिवस कर्तव्य अनुपस्थित रहा।जांच अधिकारी द्वारा अपचारी आरक्षक एक वरिष्ठ व एक प्रशिक्षित कर्मचारी है। आरक्षक द्वारा पुलिस रेग्युलेशन में निहित प्रावधानों के विपरीत कार्य कर कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता व स्वेच्छाचारिता का परिचय देना पाया गया है।
44 ईनाम एवम् 21 छोटी सजा तथा 4 बड़ी सजा मिली
अपचारी आरक्षक पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर 20 अगस्त 1987 को भर्ती हुआ है। इसे पूरे सेवाकाल में 44 ईनाम एवम् 21 छोटी सजा तथा 04 बड़ी सजा प्राप्त हुई है। अनाधिकृत रूप से कर्तव्य से अनुपस्थित रहने पर अब तक कुल 51 बार एल.आर.-24 किया जाकर सेवा आचरण में सुधार के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया है। इसके बाद भी आरक्षक के कार्य आचरण में सुधार परिलक्षित नहीं होने पर इसके खिलाफ विभागीय जांच आदेशित की गई।
ये लगे है आरक्षक पर आरोप
30 नवंबर 2023 से 03 जनवरी 2024 तक 32 दिवस एवम् 11 सितम्बर. 2024 से 03. अक्टूबर 2024 तक 22 दिवस कुल 54 दिवस बिना किसी सूचना के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित होकर कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही एवम् उदासीनता प्रदर्शित कर पुलिस रेग्युलेशन की कंडिका 64(2) का उल्लंघन करना।”
सेवाकाल में अनाधिकृत रूप से गैरहाजिर रहने पर कुल 37 (51) बार एल. आर. 24 तथा 04 बार दीर्घ शास्ति से दण्डित किये जाने, आचरण में सुधार का पर्याप्त अवसर दिये जाने के बाद भी कोई सुधार न लाकर, पदीय कर्तव्यों के निष्पादन में अक्षमता एवम् विभागीय अनुपयुक्तता दर्शाना।
विभागीय जांच की कार्यवाही विभागीय जांचकर्ता अधिकारी डीएसपी अनिता प्रभा मिंज एवम् प्रस्तुतकर्ता अधिकारी निरीक्षक मानकुँवर सिदार,थाना प्रभारी महिला थाना,जिला बिलासपुर द्वारा पूर्ण की गई है। विभागीय जांच में अपचारी पर आरोपित दोनों आरोप प्रमाणित पाये गये हैं। विभागीय जांच नस्ती के अध्ययनोपरांत उपलब्ध साक्ष्य के विश्लेषण पर विभागीय जांचकर्ता अधिकारी के मत से सहमत होते हुये आरोपित उक्त आरोप प्रमाणित पाये गये।
विभागीय जांच उपपत्ति की एक प्रति अपचारी आरक्षक को प्रेषित कर एक सप्ताह में अभ्यावेदन प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया।
अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित पत्र मय
विभागीय जांच उपपत्ति के अपचारी आरक्षक के द्वारा प्राप्त करने के उपरांत निर्धारित अवधि में अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किये जाने पर अपचारी को अभ्यावेदन प्रस्तुत करने पुनः 25. अगस्त 2026 को प्रेषित किया गया, इसमें भी अपचारी अनुपस्थित था।
अपचारी को बचाव के लिए अभ्यावेदन के लिए न्याय सिद्धांतो के अनुरूप यथेष्ठ अवसर प्रदान किया गया, किन्तु लगातार प्रयास के बाद भी अपचारी का रवैया असहयोगात्मक रहा है। इससे यह स्पष्ट हुआ है कि अपचारी अपने उपर लगाए गये आरोपों के सम्बंध में पर्याप्त अवसर दिये जाने के बावजूद कोई भी तथ्यात्मक व पुष्टिकारक बचाव साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करना चाहता है। इस स्थिति में विभागीय जांच में अंतिम निर्णय लिया जाना उचित होगा।
अपचारी पर आरोपों के संदर्भ में विभागीय जांच नस्ती का पुनः अध्ययन एवम् मनन करने पर अपचारी पर आरोपित आरोप पूर्ववत् प्रमाणित पाये जाते हैं। प्रमाणित आरोपों के लिये दण्ड निर्धारण के पूर्व अपचारी के पूर्व सेवा इतिहास का अवलोकन कर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया। अपचारी को पूर्व में दीर्घ शास्ति से दण्डित होने के बाद भी अपचारी में कोई सुधार परिलक्षित नहीं हुआ है बल्कि दिन-प्रतिदिन अपने सेवाकाल में लगातार सेवा आचरण व नियमों के प्रतिकूल आचरण प्रदर्शित किया गया। अपचारी का कृत्य गंभीर होकर अक्षम्य है।
अपचारी को अभ्यावेदन प्रस्तुत करने अनेक अवसर दिये गये परन्तु अपचारी उपस्थित नहीं हुआ, इससे स्पष्ट है कि अपचारी की पुलिस सेवा में कोई रूचि नहीं है, जो स्पष्ट रूप से यही दर्शाता है कि अपचारी पुलिस सेवा के योग्य नहीं रह गया है। आरक्षक का कार्य एवम् आचरण पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में सेवा शतों के विपरीत होकर सर्वथा अक्षम्य है तथा इस तरह का कदाचरण बल के अनुशासन को नाकारात्मक रूप से प्रकाशित करता है। पूर्ण विचारोपरांत अपचारी की दीर्घ सेवावधि पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर प्रमाणित आरोपों के लिये आरक्षक दिनेश प्रधान को आदेश प्राप्ति के से अनिवार्य सेवा निवृत्ति
का अंतिम दण्डादेश जारी किया जाता है। अपचारी आरक्षक का 30. नवंबर.2023 से 03 जनवरी 2024 तक 32 दिवस व 11 सितंबर 2024 से 03 अक्टूबर 2024 तक 22 दिवस अनाधिकृत अनुपस्थिति अवधि को नियम एल. आर.-24 के तहत निराकृत किया जाता है।