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रीवा से लेकर आया पिस्टल…फिर बुर्का पहनकर किया लूट…नकबजनी करने वाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश..6 आरोपी गिरफ्तार, 100% माल बरामद

बिलासपुर। कोटा पुलिस ने चेतना विरुद्ध नशा और प्रहार अभियान के तहत लूट और नकबजनी की दो वारदातों का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पहले रेलवे कर्मचारी से कलेक्शन की रकम लूटी और इसके बाद घर में घुसकर हथियार दिखाते हुए महिला से सोने के जेवरात लूटे। पुलिस ने दोनों मामलों में 100 प्रतिशत माल बरामद करने का दावा किया है। कार्रवाई में एक पिस्टल, सोने के आभूषण, वारदात में इस्तेमाल आर्टिका कार और प्लेटिना मोटरसाइकिल समेत छह मोबाइल जब्त किए गए हैं।

पहली वारदात: रेलवे कर्मचारी से 7,430 रुपए की लूट

मामले की शुरुआत 8 जुलाई 2026 की घटना से हुई। पुलिस के अनुसार बेलगहना रेलवे स्टेशन से 7,430 रुपए की कलेक्शन राशि लेकर जा रहे रेलवे कर्मचारी को बड़े बराबर मोड़ के सलका डैम के पास आरोपियों ने निशाना बनाया। आरोपियों ने कर्मचारी के हाथ से बैग झपट लिया और उसे धक्का देकर गिरा दिया।
घटना की शिकायत पर थाना कोटा में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

दूसरी वारदात में बुर्का पहनकर घर में घुसे आरोपी

दूसरी वारदात 18 जुलाई को हुई। पुलिस के मुताबिक आरोपी बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल पति छेदीलाल जायसवाल के घर में घुसे। घर में घुसने के बाद आरोपियों ने मारपीट की और हथियार दिखाकर महिला को डराया। इसके बाद सोने के जेवरात, जिनमें तीन फल लॉकेट और दो गेहूं दाना बताए गए हैं, करीब 50 हजार रुपए कीमत के आभूषण लूटकर फरार हो गए।
इस मामले में थाना कोटा में बीएनएस की धाराओं 332(बी), 309(6), 310(2), 317(5) तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।मुखबिर की सूचना से खुला पूरा नेटवर्क
दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली। सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर टीम गठित कर संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दी गई।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राकेश जायसवाल, दिव्यांशु जायसवाल, आदर्श तिवारी, हर्ष नामदेव, हर्ष सोनी और सनी सिंह को गिरफ्तार किया।

राकेश था मास्टरमाइंड,दोस्तों के साथ मिलकर बनाया पूरा प्लान

पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि राकेश जायसवाल इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड था। उसने अपने दोस्त दिव्यांशु जायसवाल और आदर्श तिवारी के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई।पुलिस के मुताबिक आरोपियों को हथियार की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने सनी सिंह से पिस्टल मांगी। सनी सिंह कथित तौर पर सभी को अपने साथ रीवा ले गया, जहां उसने अपने भाई के माध्यम से पिस्टल उपलब्ध कराई।इसके बाद राकेश, आदर्श और दिव्यांशु ने मिलकर दोनों वारदातों को अंजाम दिया।
लूटा सोना ज्वेलरी दुकान पर बेचा
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि लूटे गए सोने के आभूषणों को आरोपियों ने हर्ष नामदेव की मदद से हर्ष सोनी को बेचा। हर्ष सोनी ज्वेलरी की दुकान चलाता है। पुलिस के अनुसार आभूषण बेचने के बाद आरोपियों ने उसकी रकम आपस में हासिल की।
इस तरह पुलिस ने वारदात में शामिल कथित मुख्य साजिशकर्ता, वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी, हथियार उपलब्ध कराने वाले और लूटे गए सोने की खरीदी-बिक्री से जुड़े आरोपियों तक पहुंच बनाई।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम एवं पता

राकेश जायसवाल, पिता अशोक जायसवाल, उम्र 35 वर्ष, निवासी मंझगांव, थाना कोटा
दिव्यांशु जायसवाल, पिता स्व. संजय जायसवाल, उम्र 24 वर्ष, निवासी बिल्लीबंद, थाना कोटा
आदर्श तिवारी, पिता स्व. देवनारायण तिवारी, उम्र 26 वर्ष, निवासी मौहारखार कोटा, थाना कोटा
हर्ष नामदेव, पिता गौरीशंकर नामदेव, उम्र 25 वर्ष, निवासी थाना के बाजू में रोड, कोटा
हर्ष सोनी, पिता देवदत्त सोनी, उम्र 24 वर्ष, निवासी फिरंगीपाड़ा, कोटा
सनी सिंह, पिता सुनील सिंह, उम्र 35 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 12, मस्जिद पारा, कोटा, जिला बिलासपुर शामिल हैं।

क्या-क्या हुआ बरामद

कोटा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे/प्रकरण से एक नग पिस्टल, सोने के आभूषण, घटना में प्रयुक्त आर्टिका कार क्रमांक सीजी 10 बीएल 1645, प्लेटिना मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 10 इएन 4637 और छह मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पुलिस का दावा है कि दोनों घटनाओं में लूटे गए माल की 100 प्रतिशत बरामदगी की गई है।

एसएसपी के निर्देश पर हुई पूरी कार्रवाई

एसएसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक एसएसपी रजनेश सिंह ने ‘चेतना विरुद्ध नशा’ और ‘प्रहार अभियान’ के तहत अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोटा नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिसकर्मियों की रही भूमिका

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक शिव कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक भरत राठौर, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक 192 धर्मेंद्र साहू, आरक्षक 1356 संजय श्याम सहित थाना कोटा स्टाफ की विशेष भूमिका रही।

एसएसपी के की नगद इनाम देने की घोषणा

कार्रवाई की सफलता पर एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिसकर्मियों के कार्य की सराहना करते हुए नगद इनाम की घोषणा की है।
पुलिस की इस कार्रवाई से कोटा क्षेत्र में हथियार के बल पर लूट और नकबजनी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का नेटवर्क सामने आया है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूर्व की वारदातों में उनकी संभावित भूमिका की भी जांच कर सकती है।

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