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टैक्स के दायरे से बाहर मकानों की होगी घर-घर पड़ताल

रिकॉर्ड में जोड़कर वसूला जाएगा संपत्तिकर

राजस्व समीक्षा बैठक में कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने दिए निर्देश

बड़े बकायादारों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान

बिलासपुर। नगर निगम के टैक्स रिकॉर्ड से बाहर रह गई संपत्तियों की अब घर-घर पड़ताल कर पहचान की जाएगी। इन संपत्तियों को नियमानुसार निगम के रिकॉर्ड में शामिल कर संपत्तिकर की वसूली की जाएगी। साथ ही जिन मकानों और संपत्तियों से जलकर की राशि नहीं मिल रही है, उनका भी चिन्हांकन कर बकाया वसूली की जाएगी। नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं।

दरअसल, निगम के मौजूदा रिकॉर्ड में करीब 1.27 लाख मकान-दुकान दर्ज हैं, जबकि जीआईएस सर्वे में इनकी संख्या करीब 1.60 लाख सामने आई है। यानी बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां हैं, जो शहर में मौजूद होने के बावजूद निगम के टैक्स रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। इस वजह से निगम को संपत्तिकर के रूप में मिलने वाले राजस्व का नुकसान हो रहा है। करीब 25 हजार संपत्तियों से लगभग 6 करोड़ रुपए के टैक्स की वसूली नहीं होने का मामला सामने आने के बाद निगम ने अब इसे गंभीरता से लिया है।

घर-घर सर्वे कर होगा चिन्हांकन

राजस्व समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि वसूली केवल निगम के मौजूदा रिकॉर्ड में दर्ज संपत्तियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शहर में ऐसी संपत्तियों की पहचान की जाए, जो अभी तक निगम के रिकॉर्ड से छूटी हुई हैं। इसके लिए क्षेत्रवार सर्वे और घर-घर पड़ताल कर संपत्तियों का चिन्हांकन किया जाएगा। जांच के बाद पात्र संपत्तियों को नियमानुसार निगम के रिकॉर्ड में शामिल कर कर निर्धारण किया जाएगा।निगम का मानना है कि इस प्रक्रिया से न केवल संपत्तिकर के दायरे का विस्तार होगा, बल्कि लंबे समय से रिकॉर्ड से बाहर रह गई संपत्तियों की वास्तविक संख्या भी सामने आएगी। इसके साथ ही निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

जलकर की वसूली पर भी फोकस

समीक्षा बैठक में जलकर की वसूली को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। ऐसी संपत्तियों को चिन्हित करने कहा गया है, जिनका रिकॉर्ड निगम में दर्ज है, लेकिन लंबे समय से जलकर की राशि जमा नहीं की गई है। अधिकारियों को बकाया राशि की सूची तैयार कर नियमानुसार वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

बड़े बकायादारों के खिलाफ विशेष अभियान

नए मकानों और संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने के साथ पुराने बकायादारों से वसूली पर भी निगम विशेष ध्यान देगा। बड़े बकायादारों की पहचान कर उनके खिलाफ विशेष वसूली अभियान चलाया जाएगा। निगम ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लंबे समय से लंबित संपत्तिकर और जलकर की राशि वसूलने की तैयारी में है।निगम की इस कवायद से एक ओर जहां टैक्स के दायरे से बाहर रह गई संपत्तियों का चिन्हांकन होगा, वहीं दूसरी ओर निगम के राजस्व में भी इजाफा होने की उम्मीद है।

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