लॉ कॉलेज में रैगिंग: नव प्रवेश छात्र के ऊपर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन का दबाव, मना किया तो लात-घूंसों से पीटा, वीडियो हो रहा वायरल

डीपी लॉ कॉलेज में सीनियर कर रहे हैं रैगिंग, बात नहीं मानने पर करते हैं पिटाई
सालों पहले पास होकर निकल चुके, पर आज भी कॉलेज में कर रहे नेतागिरी
छात्र तुषार दुबे को कॉलेज छोड़ चुके महेश साहू, अखिलेश सहित दर्जनभर सीनियर छात्रों ने पीटा
बिलासपुर। डीपी विप्र विधि महाविद्यालय में नवप्रवेशित छात्र के साथ सीनियर विद्यार्थियों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए नवप्रवेशित छात्र तुषार दुबे पर दबाव बनाया गया। छात्र ने प्रदर्शन में शामिल होने से मना किया तो कथित रूप से उसके साथ गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से मारपीट की गई। घटना में कॉलेज के वर्तमान विद्यार्थियों के साथ ऐसे युवकों के शामिल होने का भी आरोप है, जो वर्षों पहले कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं।

बताया जा रहा है कि तुषार दुबे को महेश साहू, अखिलेश सहित करीब दर्जनभर सीनियर छात्रों ने घेर लिया। पहले उस पर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने का दबाव बनाया गया। छात्र के इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद जूनियर विद्यार्थियों में भय का माहौल है। विद्यार्थियों का कहना है कि वरिष्ठ होने के नाम पर जूनियर्स पर दबाव बनाना और बात नहीं मानने पर मारपीट करना गंभीर विषय है।

रैगिंग की लगातार शिकायतों से बढ़ी चिंता
महाविद्यालय में जूनियर विद्यार्थियों के साथ सीनियर छात्रों के कथित दबाव, धमकी और मारपीट का मामला सामने आने के बाद रैगिंग की आशंका भी गहरा गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि नवप्रवेशित छात्रों को उनकी इच्छा के विरुद्ध किसी गतिविधि में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की जा रही है, तो पूरे मामले की रैगिंग के एंगल से भी जांच होनी चाहिए। कॉलेज प्रबंधन को ऐसे मामलों में तत्काल हस्तक्षेप कर नवप्रवेशित विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

सीनियर की जिम्मेदारी मार्गदर्शन की, दबाव बनाने की नहीं
कॉलेज के कई जूनियर छात्रों ने बताया कि वरिष्ठ विद्यार्थियों से अपेक्षा होती है कि वे जूनियर्स का मार्गदर्शन करें और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण दें। इसके विपरीत दबाव, अपमान या मारपीट की घटनाएं सामने आना कॉलेज की गरिमा पर सवाल खड़े करता है। खास बात यह है कि कॉलेज से वर्षों पहले पढ़ाई पूरी कर चुके युवकों की कथित सक्रियता और विद्यार्थियों पर दबाव बनाने के आरोप भी सामने आए हैं। विद्यार्थियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
कॉलेज कमेटी की बैठक, कार्रवाई के लिए बनी सहमति
प्राचार्य सुषमा तिवारी ने कहा कि चलती क्लास में पुराने छात्र घुसकर इंट्रोडक्शन करने लगे थे। टीचर ने मना किया तो प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों को जबरन प्रदर्शन पर बैठने बोल रहे थे। एक छात्र ने मना किया तो उसके साथ मारपीट की। तत्काल कॉलेज कमेटी की बैठक ली गई। इसमें निर्णय लिया गया कि जो भी पुराने छात्र जबरन विवाद कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई होगी। उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। बार काउंसिल को भी इस मामले की जानकारी भेजकर कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के समर्थक हैं मारपीट करने वाले कॉलेज में रौब जमाने लगा रखे हैं फ्लेक्स
कॉलेज में जिन बाहरी छात्रों ने घुसकर मारपीट की वो शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुधांशू मिश्रा के समर्थक हैं। रौब जमाने के लिए कैंपस में उनके फोटो के साथ फ्लेक्स भी लगाकर रखे हैं। संभावना जताया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष ने थाना प्रभारी को FIR के लिए अपना अप्रोच लगाया हो, इसी लिए थाना प्रभारी मामले में लेटलतीफी कर रहे हैं।
वर्जन,,,
कॉलेज कैंपस का मामला है। जब तक गवर्निंग बॉडी कुछ लिखकर कागज नहीं भेजती, तब तक एफआईआर नहीं दर्ज करेंगे। हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने कहा है कि छात्र के आवेदन पर कार्रवाई की जाए। शाम तक मामले में पूरी जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप आर्य, थाना प्रभारी, सरकंडा।