सीजीपीएससी में 1:3 अनुपात और कॉपियों के मूल्यांकन पर सवाल,कांग्रेस ने इंटरव्यू रोकने की मांग की,2025 की भर्ती में 265 पदों के मुकाबले 608 अभ्यर्थियों के चयन पर उठाए सवाल

कांग्रेस बोली- सभी कॉपियां सार्वजनिक कर पुनर्मूल्यांकन कराया जाए
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर 2025 की राज्य सेवा परीक्षा में साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन और 2024 की मुख्य परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित विसंगतियों का मुद्दा उठाया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 2025 की राज्य सेवा परीक्षा में 265 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सामान्य तौर पर एक पद के लिए तीन अभ्यर्थियों के अनुपात यानी 1:3 के आधार पर करीब 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि साक्षात्कार के लिए 608 अभ्यर्थियों का ही चयन क्यों किया गया। पार्टी ने आयोग से बाकी अभ्यर्थियों के अंक और उन्हें साक्षात्कार से बाहर करने का आधार सार्वजनिक करने की मांग की।
समान उत्तर, अलग-अलग अंक देने का दावा
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने 2024 की मुख्य परीक्षा के दो अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं का हवाला देते हुए मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि कुछ प्रश्नों में दोनों अभ्यर्थियों के उत्तर समान या सही होने के बावजूद उन्हें अलग-अलग अंक दिए गए।
कांग्रेस के अनुसार एक प्रश्न में दोनों अभ्यर्थियों ने समान उत्तर लिखा, लेकिन एक अभ्यर्थी को 2 में से 0 अंक और दूसरे को 2 में से 2 अंक मिले। इसी तरह भक्तिन माता राजिम, छत्तीसगढ़ में होमरूल लीग की स्थापना, घरेलू हिंसा और बौद्ध धर्म के महाभिनिष्क्रमण से जुड़े प्रश्नों के मूल्यांकन में भी अंतर होने का दावा किया गया।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि मूल्यांकन में अलग-अलग उत्तरों के आधार पर अंक दिए गए हैं तो आयोग को इसकी स्पष्ट प्रक्रिया और मानदंड सार्वजनिक करने चाहिए। उनका कहना है कि समान उत्तरों पर अलग अंक और कथित तौर पर अलग उत्तरों पर समान अंक मिलने की शिकायतों से अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बन रही है।
इंटरव्यू से पहले कॉपियां उपलब्ध कराने की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि विवादित बिंदुओं का निराकरण होने तक सीजीपीएससी के साक्षात्कार स्थगित किए जाएं। पार्टी के अनुसार अभ्यर्थियों को साक्षात्कार से पहले उनकी उत्तर-पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे अपने उत्तर और मिले अंकों की जांच कर सकें।इसके साथ ही कांग्रेस ने गैर-चयनित अभ्यर्थियों को भी उनकी उत्तर-पुस्तिकाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की है। पार्टी ने सभी कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन कराने और मुख्य परीक्षा के मॉडल उत्तर जारी करने की मांग भी रखी है।
2024 की परीक्षा प्रक्रिया पर भी सवाल
कांग्रेस नेताओं ने 2024 की सीजीपीएससी परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि उस परीक्षा में मुख्य परीक्षा के परिणाम के बाद साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन में निर्धारित 1:3 अनुपात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई थी। उन्होंने मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों और मूल्यांकन की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग की।कांग्रेस ने कहा कि सीजीपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षा में हजारों युवा अपने भविष्य को लेकर निर्भर रहते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया, मॉडल उत्तर, मूल्यांकन के मानदंड और उत्तर-पुस्तिकाओं को लेकर अधिक पारदर्शिता जरूरी है।
भाजपा के चुनावी वादे का भी दिलाया हवाला
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा यूपीएससी की तर्ज पर चल सीजी पीएससी परीक्षा आयोजित कराने के वादे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगातार परीक्षाओं की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठना सरकार और आयोग के लिए स्थिति स्पष्ट करने का विषय है।कांग्रेस ने कहा कि उसका उद्देश्य अभ्यर्थियों के हित में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। पार्टी ने आयोग से उठाए गए सवालों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण देने और अभ्यर्थियों की आपत्तियों का समाधान करने की मांग की है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
विवादित बिंदुओं का निराकरण होने तक CGPSC के इंटरव्यू स्थगित किए जाएं।
इंटरव्यू से पहले अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर-पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएं।
गैर-चयनित अभ्यर्थियों को भी कॉपियां निःशुल्क दी जाएं।
मूल्यांकन के स्पष्ट मानदंड सार्वजनिक किए जाएं।
मुख्य परीक्षा के मॉडल उत्तर जारी किए जाएं।
सभी उत्तर-पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए।
1:3 अनुपात में अभ्यर्थियों के चयन को लेकर आयोग स्थिति स्पष्ट करे