प्रकृति हमारी विरासत भी है और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी : केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू

नई दिल्ली: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि परस्पर पूरक हैं। विकसित भारत के संकल्प के साथ स्वच्छ, हरित, टिकाऊ और रहने योग्य शहरों का निर्माण हमारी महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।
श्री साहू ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव माता का दर्जा दिया गया है। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘माता भूमि: पुत्रो अहं पृथिव्या:’ की भावना प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘मिशन LiFE’ के माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को जनभागीदारी से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी में कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा अमृत मिशन के माध्यम से शहरी जल निकायों के संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ई-बसों, मेट्रो रेल और सौर ऊर्जा के विस्तार से देश सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसी पहल ने पर्यावरण संरक्षण को जनभावना से जोड़ने का कार्य किया है।
श्री साहू ने विश्व पर्यावरण दिवस पर देशवासियों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कचरे के उचित प्रबंधन और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक संकल्प और जनभागीदारी से स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भारत का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में शहरी विकास विभाग के सचिव श्री सतेन्द्र सिंह, राजधानी विकास विभाग की सचिव श्रीमती डी. थारा, भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर श्री स्टीफन प्रीस्नर, यूएन-हैबिटेट के रीजनल प्रोग्राम डिवीजन के निदेशक श्री पैट्रिक कनागासिंघम सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, राज्यों एवं शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।