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CM के क्षेत्र में BJP को बड़ा झटका….8 पार्षदों ने दिया इस्तीफा…बोले – बिजली,पानी,सड़क के लिए तरस गए…कोई नहीं सुनता हमारी बात

रायगढ़। जिले के पुसौर नगर पंचायत से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। पार्टी से जुड़े 8 पार्षदों ने पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पार्षदों का कहना है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है इसके बावजूद हम सड़क, नाली, पानी और बिजली का काम कराने के लिए तरस गए है। अधिकारी हमे प्रताड़ित कर रहे है। यदि बागी पार्षद कांग्रेस की ओर झुक जाएंगे तो अध्यक्ष की कुर्सी चली जाएगी।

विधानसभा चुनाव को अब एक डेढ़ साल बचे है लेकिन भाजपा में बगावत शुरू हो गई। बगावत का पहला झंडा मुख्यमंत्री के गृह जिला रायगढ़ से आ रहा है। पुसौर नगर पंचायत के 8 पार्षदों ने इस्हातीफा दे दिया है। हालांकि नया जिला बनने के बाद मुख्यमंत्री का जिला जशपुर हो गया है लेकिन राजनैतिक दृष्टि से यह अभी भी मुख्यमंत्री का ही जिला माना जाएगा। पार्षदों ने अपना इस्तीफा जिला भाजपा अध्यक्ष अरुणधर दीवान को दिया है। एक साथ आठ पार्षदों के इस्तीफे के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस्तीफा देने वाले पार्षदों में नगर पंचायत अध्यक्ष मानी मोहित सतपथी के अलावा अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई है। पार्षदों ने अपने सामूहिक पत्र में लिखा है कि हम सभी 8 निर्वाचित भाजपा पार्षद भारतीय जानता पार्टी के प्रशासनिक क्रियाकलापों, शासकीय कर्मचारियों और नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा किये जा रहे उत्पीडन एवं विकास कार्य कि शुन्यता को लेकर अत्यंत पीड़ा में हैं। हमारे वार्डों में जन सुविधा के लिए विकास कार्य पानी, बिजली, रोड, नाली समेत कोई विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। पार्षद निधि का काम भी नहीं हो रहा है। शासकीय विभागों में भी हमारा कोई काम नहीं हो रहा है। इस्तीफा देने वाले पार्षदों का अधिकारियों, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों को लेकर भयंकर असंतोष है। सभी 8 पार्षदों ने अपना इस्तीफा जिला भाजपा अध्यक्ष अरुणधर दीवान को भेजा है।

15 सदस्यीय नगर पंचायत में भाजपा का बहुमत

बता दें पुसौर नगर पंचायत में अध्यक्ष समेत कुल 15 निर्वाचित पार्षद हैं। वर्ष 2025 के आधिकारिक निर्वाचन रिकॉर्ड में मोहित सतपथी को अध्यक्ष और 15 वार्डों से पार्षदों को निर्वाचित दर्ज किया गया है। ऐसे में भाजपा से जुड़े 8 पार्षदों का एक साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा से नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हिल गई है। यदि बागी पार्षद कांग्रेस के पक्ष में चले जाएंगे तो क्षेत्र के दिग्गज नेताओं की नाक कट सकती है।

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