आईजी के सीसीटीएनएस, आईटी पोर्टल्स के अनुपालन तथा एनडीपीएस व गो-तस्करी पर कार्रवाई के दिए निर्देश

बिलासपुर।आईजी राम गोपाल गर्ग रेंज के एसएसपी और पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय अपराध एवं सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
समीक्षा बैठक में एसएसपी रजनेश सिंह, शशि मोहन सिंह,भोजराम पटेल, सिद्धार्थ तिवारी, मनोज खिलारी, प्रफुल्ल ठाकुर, विजय पाण्डेय, सुनील शर्मा, एएसपी सुरेशा चौबे, मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, एसडीओपी नुपुर उपाध्याय डीएसपी विवेक शर्मा और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स व विशेष नोडल प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस अधिकारियों की इस उच्चस्तरीय बैठक मे आईजी राम गोपाल गर्ग ने नए कानूनों के क्रियान्वयन, न्याय प्रणाली को अधिक सुगम, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक व तकनीकी दिशा-निर्देश, न्याय संहिता डैशबोर्ड की प्रगति, सीसीटीएनएस व आईटी पोर्टल्स के अनुपालन, गंभीर अपराधों के प्रभावी नियंत्रण तथा ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल साक्ष्य संकलन तथा अन्य दिशा निर्देशों की विस्तृत समीक्षा की गई। नए आपराधिक कानूनो के प्रभावी क्रियान्वयन, न्याय प्रणाली को अधिक सुगम, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए न्याय संहिता डैशबोर्ड की प्रगति, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-साक्ष्य के उपयोग की विस्तृत समीक्षा की गई।

थानों की पेंडेंसी को शून्य के स्तर पर लाने के लिए पुराने मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत 60 एवं 90 दिवस की वैधानिक समय-सीमा के भीतर चालान,खात्मा दाखिल करने का लक्ष्य तय कर सभी राजपत्रित अधिकारियों को साप्ताहिक मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा गया। स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर हस्तलिखित पर्चियों के स्थान पर 100% ऑनलाइन,डिजिटल एमएलआर व पीएमआर रिपोर्ट का उपयोग अनिवार्य किया गया। विवेचकों के डिजिटल हस्ताक्षर आधार-आधारित कराने तथा शिकायतकर्ताओं के ई-साइन के लिए थानों में डिजिटल पेन/इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर अनिवार्य करने निर्देशित किए गए। डिजिटल साक्ष्य संकलन को 100% ई-साक्ष्य पोर्टल से जोड़ने, जब्ती माल का प्रेषण केवल ई-फॉरेंसिक से करने तथा थाना/जिला स्तर पर ई-मालखाना प्रणाली को पारदर्शी व बारकोड युक्त बनाने के निर्देश दिए गए। सीसीटीएनएस में इंटीग्रेटेड इन्वेस्टिगेशन फॉर्म्स एवं ग्राम अपराध नोटबुक की प्रविष्टियों को राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप अपडेट करने के निर्देश दिए गए।प्रक्रियात्मक त्रुटियों को समाप्त करने के लिए मादक पदार्थ जब्ती की कार्रवाई के दौरान एएनटीएफ प्रभारी या प्रशिक्षित अधिकारी की मौके पर उपस्थिति में विधिसम्मत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
मादक पदार्थ परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर फोटोग्राफी सहित संयुक्त इन्वेंट्री बनाने, पीट-एनडीपीएस व सफ़ेमा के तहत आदतन तस्करों की संपत्ति कूर्की हेतु ठोस प्रस्ताव भेजने के आदेश दिए गए। अंतरराज्यीय तस्कर गिरोहों के विरुद्ध ‘एंड-टू-एंड’ बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर वित्तीय विवेचना करने, आदतन तस्करों की गैंग हिस्ट्रीशीट खोलने, संपत्ति अटैच करने तथा कलेक्टर कोर्ट से समन्वय स्थापित कर जब्त वाहनों का त्वरित राजसात व सार्वजनिक नीलामी कराने के निर्देश दिए गए। अंतर्राज्यीय सीमा से लगे मार्गों पर 24 घंटे सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए।
आईजी रामगोपाल गर्ग का विशेष निर्देश
आईजी गर्ग ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि रेंज में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, तकनीकी पोर्टल्स के शत-प्रतिशत उपयोग और अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः अंकुश लगाने हेतु नियमित मॉनिटरिंग और कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सीसीटीएनएस व आईटी पोर्टल्स के अनुपालन में शिथिलता, विवेचनात्मक त्रुटियों के कारण होने वाली दोषमुक्ति तथा चालान प्रस्तुति की वैधानिक समय-सीमा के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी है।