संभाग के 8.57 लाख बिजली कनेक्शन होंगे अपडेट
ई-केवाईसी शुरू,1 सितंबर से शुरू हुई प्रक्रिया,उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क
मृत उपभोक्ताओं और अवैध कनेक्शनों की भी होगी पहचान
बिलासपुर। बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन और रिकॉर्ड को प्रमाणिक एवं अपडेट करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिलासपुर विद्युत रीजन के अंतर्गत बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली और कोरबा जिले के करीब 8 लाख 57 हजार 800 से अधिक बिजली कनेक्शनों का ई-केवाईसी कराया जाएगा। यह प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू हो चुकी है।
ई-केवाईसी के जरिए यह सत्यापित किया जाएगा कि बिजली कनेक्शन वास्तव में किस उपभोक्ता के नाम पर दर्ज है। इससे बिजली कंपनी के रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के साथ वास्तविक उपभोक्ताओं का प्रमाणिक डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निशुल्क है और इसके लिए उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
आधार और बिजली कनेक्शन में नाम अलग है तो पहले सुधार
यदि बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम और आधार कार्ड के नाम में अंतर है तो ई-केवाईसी से पहले बिजली कनेक्शन में नाम का सुधार कराना होगा। केवल नाम में त्रुटि होने पर इसके लिए कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, यदि कनेक्शन के मालिकाना हक में बदलाव किया जाना है तो नियमानुसार शुल्क और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
मृत उपभोक्ताओं और अवैध कनेक्शनों का भी चलेगा पता
कंपनी के मुताबिक ई-केवाईसी का उद्देश्य केवल उपभोक्ताओं की पहचान सत्यापित करना नहीं है। इसके माध्यम से बिजली के रिकॉर्ड को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। साथ ही मृत उपभोक्ताओं के नाम पर चल रहे कनेक्शन, अनधिकृत बिजली उपयोग और अवैध कनेक्शनों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी।
तीन तरीकों से करा सकेंगे ई-केवाईसी
उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार तीन तरीकों से ई-केवाईसी करा सकेंगे। मोर बिजली मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय पहुंचकर अधिकृत कर्मचारियों से ई-केवाईसी कराया जा सकता है। वहीं, मीटर रीडर भी घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।पहचान सत्यापन के लिए आधार ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें ओटीपी, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से उपभोक्ता का सत्यापन किया जा सकेगा।
वर्जन
इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जोन कार्यालय जाकर और मीटर रीडिंग करते समय भी अपडेट को या जा सकता है।इससे मृतकों के नाम से चलने वाले कनेक्शन का पता चल सकेगा।
एसके जांगड़े
अधीक्षण अभियंता ग्रामीण विद्युत मंडल