आवक पर बारिश का ब्रेक, मजबूत महामाया, विष्णुभोग 8000 रुपए क्विंटल

प्रतिस्पर्धी खरीदी से आ रही तेजी
भाटापारा- आवक पर बारिश का ब्रेक। मजबूत होने लगा है मोटा और बारीक धान क्योंकि अब प्रतिस्पर्धी खरीदी की स्थिति बन चुकी है। यह स्थिति सितंबर मध्य तक बनी रहने की धारणा है।
लगातार हो रही बारिश के बाद अब उत्पादक क्षेत्रों से बारीक धान की आवक आधी से भी कम रह गई है जबकि मोटा धान में हो रही आवक, मांग की तुलना में आधी से भी कम है। ऐसे में चावल और पोहा प्रसंस्करण ईकाइयों को शार्टेज की स्थितियों में खरीदी करनी पड़ रही है।

सिर्फ 200 से 500 कट्टा
त्यौहार के पूर्व चावल की मांग में सुधार आने लगी है। इसके अलावा उपभोक्ता राज्यों की भी डिमांड निकली हुई है। इसलिए बारीक धान में एच एम टी ने 3000 से 3200 रुपए क्विंटल जैसी कीमत अपने नाम कर ली है। 3800 से 3900 रुपए क्विंटल पर पहुंचने के बाद सियाराम आगे भी तेजी का संकेत दे रहा है।कीमत के मामले में 8000 रुपए से 8200 रुपए क्विंटल पर मजबूत है विष्णुभोग धान। रही बात आवक की, तो बारीक धान की आवक 200 से 500 कट्टा के आसपास है।
तेवर महामाया के
रुक- रुककर हो रही बारिश के बाद सभी जिलों से महामाया और सरना धान की आवक कमजोर हो चली है जबकि मांग पूर्ववत स्तर पर कायम है। ऐसे में महामाया में प्रति क्विटल भाव 2600 रुपए से 2700 रुपए क्विंटल पर बोले जा रहे हैं। तेज सरना भी हो चुका है जिसमें सौदे 2100 रुपए से 2300 रुपए क्विंटल पर की जा रही हैं। धान की इन दोनों प्रजातियों में तेजी की धारणा इसलिए है क्योंकि पोहा और चावल बनाने वाली इकाइयों की मांग अपने स्तर पर बनीं हुई हैं।
सक्रिय हैं स्टॉकिस्ट भी
बारीक और मोटा धान में जैसी स्थितियां बनीं हुई हैं और भविष्य की जैसी धारणा है उसे देखते हुए स्टॉकिस्टों की लिवाली निकलती नजर आ रही है क्योंकि पोहा और चावल में उपभोक्ता राज्यों की मांग निकलने के संकेत मिल रहे हैं। चावल के लिए विशेष मांग की संभावना इसलिए क्योंकि बारीक चावल की कीमत आने वाले दिनों में और बढ़ने की प्रबल संभावना है।