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ई-बसों से बदलेगी शहरों की पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर, 240 ई-बसों को लेकर बैठक में बनी रणनीति,रायपुर,बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में 240 इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित

शहरों की आवश्यकता के अनुरूप रूट प्लान, डिपो-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश

बिलासपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा एवं आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया की उपस्थिति में पीएम ई बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में सीईओ सूडा श्री सुमीत अग्रवाल ने जानकारी दी कि पीएम ई बस सेवा के तहत छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है । इसका उद्देश्य स्वच्छ एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के साथ नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। बैठक में योजना के अंतर्गत ई-बस सेवा के संचालन एवं विस्तार की प्रगति, रूट प्लानिंग, बस स्टॉप, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, संचालन व्यवस्था तथा कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर,
सीएसपीडीसीएल के प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर, आयुक्त नगर निगम रायपुर संबित मिश्रा, आयुक्त नगर निगम कोरबा, आशुतोष पांडे, आयुक्त नगर निगम बिलासपुर, प्रकाश कुमार सर्वे, एनएचएआई के डीजीएम नीतिन कुमार गुप्ता, शहरी कार्य मंत्रालय दिल्ली से एएसओ हिमांशु जैन, छत्तीसगढ़ स्टेट कोऑर्डिनेटर अभिजीत राऊत तथा पीएमयू से सुश्री अदिति अग्रवाल के साथ साथ सूडा से उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील अग्रहरि, सहायक प्रबंधक देवव्रत सिंह, रायपुर अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी से नोडल अधिकारी श्री प्रदीप यादव, भिलाई से अजीत तिग्गा, बिलासपुर से अनुपम तिवारी, एवं कोरबा से राकेश मसी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पीएम ई बस सेवा योजना की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा एवं भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि ई-बस सेवा का रूट निर्धारण शहरों की वास्तविक परिवहन आवश्यकताओं और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, प्रमुख बाजार, महत्वपूर्ण संस्थानों एवं अन्य जनोपयोगी स्थानों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने वाले रूट तैयार करने पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी विकसित हो सके।

उन्होंने ई-बसों के लिए शॉर्ट टर्म एवं लॉन्ग टर्म रूट प्लान तैयार करने तथा चरणबद्ध तरीके से रूट का अध्ययन करने के निर्देश दिए। प्रस्तावित रूटों की फेजवार स्टडी करते हुए यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर उनकी व्यवहारिकता का आकलन करने को कहा गया। अधिक यात्री आवागमन वाले क्षेत्रों में मांग के अनुरूप रूट विकसित करने तथा विस्तृत अध्ययन के आधार पर रूट को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया।

प्रमुख सचिव श्री बोरा एवं श्री भदौरिया ने ई-बस सेवा से संबंधित जानकारी को नागरिकों के लिए स्पष्ट और सहज बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नागरिकों को आसानी से यह जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए कि कितनी ई-बसें संचालित हो रही हैं, किन रूटों पर चल रही हैं तथा प्रत्येक रूट की जानकारी क्या है। इसके लिए रूट चार्ट एवं संबंधित विवरण व्यवस्थित रूप से तैयार एवं साझा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में योजना के विभिन्न कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर भी चर्चा हुई। जिन कार्यों में पर्याप्त प्रगति हो चुकी है, उन्हें शेष कार्यों के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्ययोजना आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। 30 अक्टूबर तक निर्धारित कार्यों एवं रूट से संबंधित लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में आवश्यक गति बनाए रखने तथा 1 नवंबर के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संबंधित कार्यों की समय-सीमा तय करने पर भी जोर दिया गया। रूट एवं संचालन से जुड़े आवश्यक कार्यों में आउटसोर्सिंग की संभावनाओं का भी परीक्षण करने को कहा गया।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ई-बसों के लिए आवश्यक डिपो, चार्जिंग स्टेशन, बस स्टॉप एवं अन्य आधारभूत संरचना की तैयारियों को भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिपो के निर्माण एवं विकास में भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता एवं उपलब्धता का आकलन करते हुए आवश्यक व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया।

सोनमणि बोरा ने डिपो, चार्जिंग स्टेशन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए स्थान चयन तथा भूमि संबंधी विषयों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही डिपो, सिविल वर्क एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए एनएचएआई, रेलवे, एवं अन्य विभागों से समन्वय कर आवश्यक स्वीकृतियों तथा तकनीकी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि ई-बस संचालन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं तैयार रहें।

बैठक में बस स्टॉप के स्थान निर्धारण एवं विकास पर भी चर्चा हुई। बस स्टॉप का चयन यात्री सुविधा, यात्री मांग और रूट कनेक्टिविटी के आधार पर करने के निर्देश दिए गए। यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बस स्टॉप विकसित करने तथा पीपीपी मॉडल के माध्यम से सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

ई-बस संचालन में आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल व्यवस्था के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रमुख सचिव बोरा एवं भदौरिया ने कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था को मजबूत करने तथा बस संचालन की प्रभावी निगरानी के लिए तकनीक आधारित सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। ताकि बसों के संचालन, रूट, यात्री संख्या एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सके।
बैठक में ई-बसों के संचालन के लिए मानव संसाधन एवं संचालन मॉडल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। योजना के संचालन में तकनीक, मानव संसाधन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि पीएम ई बस सेवा योजना के सभी घटकों—रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप एवं कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत रूप से विकसित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न शहरों में ई-बस संचालन के लिए शहरवार आवश्यकता एवं उपलब्ध संसाधनों का आकलन करने तथा उसी आधार पर प्राथमिकताएं तय करने के निर्देश दिए। साथ ही योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी पर भी चर्चा की गई। साथ ही महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसके लिए आवश्यक रूट एवं संचालन व्यवस्था तैयार करने पर विचार किया गया।
उन्होंने कहा कि पीएम ई बस सेवा योजना के क्रियान्वयन में समय-सीमा के साथ गुणवत्ता और व्यवहारिकता का भी ध्यान रखा जाए। भूमि, डिपो, चार्जिंग, रूट एवं संचालन से संबंधित संभावित बाधाओं की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण किया जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की नियमित प्रगति पर नजर रखी जाए। योजना की मॉनिटरिंग के उच्च स्तर को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कार्यों को समन्वय के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक के समापन अवसर पर संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर ने कहा कि पीएम – ई बस सेवा योजना को नागरिकों की सुविधा और शहरों की परिवहन आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूट, डिपो, चार्जिंग एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की समग्र तैयारी के साथ ई-बस सेवा को सुगम, सुरक्षित और प्रभावी सार्वजनिक परिवहन विकल्प के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक के अंत में सीईओ सुमीत अग्रवाल ने प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया सहित उपस्थित सभी अधिकारियों का आभार प्रकट किया। उन्होंने बैठक में प्राप्त मार्गदर्शन एवं सुझावों को पीएम ई बस सेवा योजना के आगामी क्रियान्वयन के लिए उपयोगी बताते हुए संबंधित कार्यों को आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ाने की बात कही।

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