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ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के द्वितीय दिवस विद्यार्थियों ने ग्राम घुटकु की विभिन्न संस्थाओं का किया भ्रमण

ग्रामीण बैंकिंग, सहकारिता, शिक्षा, पोषण एवं सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को करीब से समझा

बिलासपुर, । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के कृषि स्नातक चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के सातवें सेमेस्टर में संचालित ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के द्वितीय दिवस ग्राम घुटकु में विभिन्न शासकीय एवं ग्रामीण संस्थाओं का भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीण जीवन, कृषि व्यवस्था तथा ग्रामीण समुदाय को उपलब्ध विभिन्न सेवाओं को नजदीक से समझा।

द्वितीय दिवस विद्यार्थियों ने उचित मूल्य दुकान, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण बैंक, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, कृषि सेवा सहकारी समिति एवं प्राथमिक शाला का भ्रमण किया। प्रत्येक संस्था में विद्यार्थियों ने वहां संचालित गतिविधियों, कार्यप्रणाली तथा ग्रामीण समुदाय के लिए उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।

उचित मूल्य दुकान के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राशन वितरण व्यवस्था, दुकान के संचालन दिवस तथा ग्रामीणों को उपलब्ध खाद्यान्न के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की संख्या, पोषण आहार तथा केंद्र की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि केंद्र में बच्चों को दाल, चावल एवं सब्जी सहित निर्धारित पोषण आहार उपलब्ध कराया जाता है।

इसके पश्चात विद्यार्थियों ने ग्रामीण बैंक का भ्रमण किया। बैंक की स्थापना वर्ष 1976 में हुई थी। विद्यार्थियों को बैंक से जुड़े लगभग 3,050 पंजीकृत किसानों तथा आसपास के 17 गांवों को उपलब्ध बैंकिंग सेवाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था, किसानों के लिए वित्तीय सेवाओं तथा कृषि आधारित गतिविधियों में बैंक की भूमिका को समझा।

विद्यार्थियों ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय का भी भ्रमण किया। वर्ष 1982 में स्थापित इस विद्यालय में लगभग 889 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा 32 कर्मचारी कार्यरत हैं। विद्यालय में गणित, जीवविज्ञान, कला एवं वाणिज्य विषयों के साथ स्वास्थ्य सेवा एवं बैंकिंग से संबंधित व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि सेवा सहकारी समिति का भ्रमण विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रहा। यहां किसानों को यूरिया, डीएपी एवं कीटनाशक उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), कृषि ऋण तथा खरीफ एवं रबी मौसम में ऋण सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की गई। समिति से लगभग 2,192 पंजीकृत किसान जुड़े हुए हैं तथा इसके कार्यक्षेत्र में घुटकु, नीरतू, लोखंडी एवं तुरकाडीह सहित चार गांव शामिल हैं। विद्यार्थियों ने सहकारिता के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कृषि आदान एवं वित्तीय सुविधाओं की कार्यप्रणाली को समझा।

अंत में विद्यार्थियों ने प्राथमिक शाला का भ्रमण किया तथा विद्यालय की स्थापना, विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों की उपलब्धता, शिक्षण माध्यम एवं मध्यान्ह भोजन व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के द्वितीय दिवस की इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर प्रदान किया कि कृषि केवल खेत तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंकिंग, सहकारिता, शिक्षा, पोषण, खाद्य सुरक्षा एवं ग्रामीण संस्थाओं से भी उसका गहरा संबंध है। विभिन्न संस्थाओं के प्रत्यक्ष भ्रमण से विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को ग्रामीण परिस्थितियों और वास्तविक जीवन की आवश्यकताओं से जोड़ने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

यह कार्यक्रम महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन. के. चौरे के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में तथा ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. हेम प्रकाश वर्मा के समन्वय से संचालित किया जा रहा है।

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