छात्रों पर पुलिसिया बर्बरता,राहुल गांधी की अलोकतांत्रिक गिरफ्तारी और पेपर लीक का जमकर विरोध
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन
बिलासपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा द्वारा फल-सब्ज़ी मंडी चौक में एक दिवसीय जोरदार धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, दिल्ली में अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे निर्दोष युवा छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोलों के इस्तेमाल तथा छात्रों के समर्थन में उतरे लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की अलोकतांत्रिक व दुर्व्यवहारपूर्ण गिरफ्तारी के विरोध में किया गया।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा के अध्यक्ष श्री लक्ष्मीनाथ साहू ने की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवा साथियों ने केंद्र सरकार की छात्र-विरोधी नीतियों और दमनकारी रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की l
सभा को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा कि
केंद्र की भाजपा सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने का काम कर रही है। जब देश का युवा अपने हक और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर सड़कों पर उतरता है, तो उस पर लाठियां बरसाई जाती हैं और आंसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं। हद तो तब हो गई जब छात्रों के समर्थन में खड़े हुए हमारे नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी और वरिष्ठ नेताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उन्हें अलोकतांत्रिक तरीके से गिरफ्तार किया गया। कांग्रेस पार्टी छात्रों के सम्मान और अधिकार की इस लड़ाई में पीछे नहीं हटेगी और सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।”
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प्रदर्शन के दौरान रखी गईं 3 प्रमुख मांगें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: देश की शिक्षा व्यवस्था को खोखला करने, लगातार हो रहे पेपर लीक और करोड़ों युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा लिया जाए।
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संसद में तत्काल विस्तृत चर्चा:
परीक्षाओं में हुई धांधली, एनटीए की विफलता और छात्रों पर हुए बर्बर पुलिसिया लाठीचार्ज के मुद्दे पर संसद का ध्यान आकर्षित कर तत्काल चर्चा कराई जाए।
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पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई व मुकदमे वापसी:
छात्रों पर आंसू गैस छोड़ने और बर्बरता करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं पेपर लीक कराने वाले दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी झूठे केस तुरंत वापस लिए जाएं।