नशे के 3 सौदागरों को 15-15 साल की सजा

7 महीने में पूरा हुआ विचारण
बिलासपुर । नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण में विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया है।
दरअसल, सितंबर 2025 में पुलिस ने ज्वाली नाला के पास कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों से 62 नग
बुप्रेनॉरफोन इंजेक्शन
बरामद किए थे। इसके बाद आरोपी दुर्गा वर्मा के कब्जे से 52 नग इंजेक्शन और बरामद हुए। पुलिस ने कुल 114 नग यानी 228 एमएल नशीली दवा जब्त की थी।
मामले में निकेत वस्त्रकार, जयंत वस्त्रकार और दुर्गा वर्मा को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने प्रभावी और साक्ष्य आधारित विवेचना के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। वहीं करीब सात महीने में विचारण पूरा होने के बाद विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने तीनों को दोषसिद्ध करते हुए प्रत्येक को 15 वर्ष के कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।बिलासपुर पुलिस ने इस कार्रवाई को नशे के कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश बताया है। पुलिस का कहना है कि नशीली दवाओं की बिक्री, परिवहन और सप्लाई में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। नशे का कारोबार छोड़ दें, क्योंकि पुलिस की कार्रवाई के साथ न्यायालय भी ऐसे अपराधों पर सख्त सजा दे रहा है।
कड़ी मेहनत और साक्ष्य एकत्रित कर दिलायी सजा
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत और गवाहों के आधार पर पुलिस ने कोर्ट में मामला पेश किया और पिछला रिकॉर्ड भी पेश किया।जिसमें पुलिस ने गंभीरता के साथ चालान तैयार किए और उसके बाद कोर्ट ने सजा सुनाई।
नशे के सौदागरों को मिले सजा
पुलिस का कहना है कि नशे के सौदागरों को सजा मिले और कोई भी सौदागर मत छुटे,इसके लिए पुलिस को भी मेहनत करना पड़ता है।पुलिस की मेहनत कड़ी रहेगी तो आरोपी को जमानत नहीं मिलता है बल्कि उसको सजा मिलना पक्का रहता है।