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परम आलय द इसोटेरिक टेंपल सेजवानी, धरती का स्वर्ग – ललित

बिलासपुर।पुरुषोत्तम मास की द्वादशी के पावन अवसर पर उत्सव वाटिका, 36 मॉल में सन टू ह्यूमन बिलासपुर परिवार की समूहों बैठक आयोजित की गई। सर्वप्रथम विगत दिनों श्रीमती पूर्णिमा पिल्ले के पति स्व. विजय पिल्ले के आकस्मिक देहावसान पर पर शोक सभा आयोजित कर दिव्य पुण्यात्मा की सदगति हेतु प्रार्थना की गई। सन टू ह्यूमन के संस्थापक परम पूज्य परम आलय जी की 30 वर्षों की साधना से मानवजाति के कल्याण हेतु चंद छोटे छोटे प्रयोगों करते हुए मानव ना केवल निरोगी हो रहा है, अपितु शरीर, मन व चेतना को समझ कर स्वयं के अंदर विराजित परमात्मा से साक्षात्कार करना काफी आसान हो रहा हैं। ललित अग्रवाल ने बताया कि मनुष्य के मुंह में आने वाली लार को संग्रहित कर प्रार्थना भाव से भीतर ग्रहण करने से पॉजिटिव ऊर्जा निर्मित होकर मानव विकास में सहायक होती हैं। बैलेंस में खड़े होकर, तृतीय नेत्र को जागृत कर, दाएं व बाएं दिशा में घूमकर हम मैग्नेटिक ऑरा जाग्रत करते हैं। जैसे ब्रम्हांड में आने वाले सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी के दोनो पॉजिटिव और नेगेटिव पोल्स के मिलने से विद्युत उत्पन्न होती हैं। शक्तिशाली नाभि झटका प्रयोग के सात चरण श्वास प्रक्रिया, वाइब्रेशन, क्लैपिंग, थपथपाना, ताड़ासन, हड्ड आसान, उकडू आसान के साथ नाद से अनाहत से जागृत ऊर्जा को कॉस्मिक नटराज नृत्य के माध्यम से शरीर के प्रत्येक अंगों तक पहुंचाया जाता है। शक्तिशाली तंत्रिका प्रयोग के पश्चात सुबह की संध्या के सूर्य व शाम की संध्या में चंद्रमा की प्रार्थना कर उन्हें तथा धरती माता को सातों अंगों से प्रणाम कर कृतज्ञता प्रकट किया जाता है। इसके बाद “परम पूज्य भोजन है दिव्यम अनुपम, परम शक्ति रूपम परम तृप्ति स्वरूपम” की प्रार्थना के साथ अदृश्य एल्कलाइन नाश्ते में उपयुक्त बीजो में तिल कफ पित्त शामक , मेथी दाना कफ वात शामक , सौंफ वात पित्त शामक , सूरजमुखी बीज कफ नि:सारक, अलसी त्रिदोषशामक होने के साथ प्रयुक्त अन्य प्राकृतिक वस्तुएं भी कच्चे रूप में ही ग्रहण करने से मानव शरीर में अवश्यक छह रसयुक्त सभी पोषक तत्व की पूर्ति कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। परम पूज्य परम आलय जी के 30 वर्षों के शोध पर निकाले गए उपरोक्त प्रयोग रविवार दिनांक 31 मई 2026 की सुबह 6 बजे से उत्सव वाटिका में करवाने के पश्चात बिलासपुर के साधकों द्वारा एकसाथ कर अदृश्य नाश्ते का सेवन किया जायेंगे। आज के आयोजन को सफल बनाने में ललित अग्रवाल, उत्सव वाटिका से उमाशंकर साहू, पी आर साहू, पी आर यादव, गोकुल यादव, मुकेश चौबे, अनिल सिंह, आशालता दुबे, सुरेश अग्रवाल, आर एस अवस्थी, रामगोपाल साहू, संतोष मिश्रा, आर आर सर्वे, के पी साहू, श्रीमती अंजू साहू, डी पी सक्सेना बी आर यादव गार्डन साधना केंद्र से पूर्णिमा पिल्ले, संतोष वर्मा, सरोजनी वर्मा, किरण श्रीवास्तव, प्रगति दुबे, गोपाल अग्रवाल, संगीता केशरवानी, अनिल केशरवानी, गणेश सोनवानी, आर तावड़कर, पूर्णिमा साहू नेचर सिटी सकरी से आर एस विंध्यराज, नरेन्द्र यादव, देवव्रत कर, श्रीमति ममता, अशोक गुप्ता, शैलेंद्र उपाध्याय सहित अनेकों साधकों का योगदान रहा। अंत में विश्व योग दिवस के पूर्व बिलासपुर के हर गली मोहल्ले को स्वस्थ्य एवं निरोगी बनाने हेतु जागृत करने का प्रण लिया गया।

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