पेड़ा ने मोदक को छोड़ा पीछे…
गणेशोत्सव पर प्रसाद बाजार गुलजार

बिलासपुर- मौका मोदक का। फिर भी आगे है पेड़ा, कीमत और मांग में। थोड़ा-थोड़ा बताशा और इलायची दाना भी लेकिन अब जाकर स्थिर होता नजर आ रहा है नारियल जिसमें मांग बढ़ते क्रम पर है।
प्रतिमा स्थापना के बाद अब प्रसाद बाजार गुलजार होने लगा है। प्रसाद के रूप में उपयोग की जाने वाली हर सामग्री मांग में है। रुझान और खरीदी को लेकर शुरुआती दौर से यह संकेत मिल रहा है कि नवरात्रि और दीपावली दोनों पर्व बीते साल की तुलना में बेहतर रहेंगे।
मौका मोदक का लेकिन मांग में पेड़ा
मान्यता है कि मोदक प्रिय मिष्ठान है विघ्नहर्ता श्री गणेश का लेकिन भक्तों की पसंद में अभी भी आगे है, पेड़ा का भोग लगाया जाना। प्रति किलो कीमत 480 रुपए पर भी भोग लगाने के लिए खरीदी जारी है। यह तब, जब मोदक 400 रुपए किलो पर मिल रहा है। उत्सव का शुरुआती दौर ही बता रहा है कि पेड़ा, मोदक से आगे ही रहेगा खरीदी के क्रम में।

लड्डू में सुधर रही मांग
बेसन और बूंदी के लड्डू। खूब बिकते हैं। लगभग पूरे साल मांग में रहने वाली इन दोनों की खरीदी को लेकर जैसा रुझान नजर आ रहा है उससे राहत की सांस ले रहीं हैं मिठाई दुकानें। स्थिर कीमत में तेजी का संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। इसलिए दोनों किस्म के लड्डू की बिक्री संस्थानें 320 रुपए किलो की दर पर कर रहीं हैं। नवरात्रि और दीपावली तक भाव ऐसे ही बने रहने की धारणा है।
क्रय शक्ति के भीतर यह तीनों
इलायची दाना और बताशा। साथ में नारियल। तीनों की कीमतें स्थिर हैं। इसलिए हर मंदिर और हर पूजा पंडाल में प्रसाद के रूप में वितरित किए जाते हैं। इलायची दाना 80 रुपए किलो, तो बताशा 140 रुपए किलो जैसी क्रयशक्ति के भीतर मिल रहे हैं। तेजी के बाद अब जाकर नारियल सूखा 32 रुपए नग और कच्चा 30 रुपए नग पर आकर ठहरा हुआ है। उत्पादक क्षेत्रों से भरपूर आवक और बेहतर भंडारण से तेजी की धारणा नहीं है।