प्रतापगढ़ी बोले,पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक,6.5 करोड़ से अधिक युवा इससे प्रभावित और 21 से अधिक युवाओ ने की आत्महत्या
राज्यसभा सांसद ने शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा
छात्रों की गूंज पहुंचेगी दिल्ली तक,सदन के गूँजेगा छात्रों की आवाज
इमरान बोले,देश भर में राहुल गांधी घूम घूम कर राज्यों में कर रही कार्यक्रम
बिलासपुर। राहुल गांधी के दूत और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का कहना है कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों से निराश होकर 21 से अधिक युवक आत्महत्या कर चुके हैं। इधर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अफ़सोस जताने के लिए सामने तक नहीं आ रहे है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें हटा भी नहीं रहे है। आखिर और कितने युवाओं की मौत चाहती है सरकार। कांग्रेस चाहती है कि शिक्षा मंत्री को तत्काल हटाया जाए।
बिलासपुर में निजी होटल में मीडिया से चर्चा करते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने बताया कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों को लेकर कांग्रेस ‘छात्रों की गूंज’ के नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान चला रहा है। इसमें 40 दिनों तक देशभर के 28 प्रमुख शहरों में कई चरणों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें राहुल गांधी भी देश भर कई राज्यों में कार्यक्रम करके छात्रों की आवाज बुलंद कर रहे है और उनकी आवाज को दिल्ली सदन तक पहुंचा रहे है।इस अभियान के तहत छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, कोचिंग संस्थानों से जुड़े युवा और शिक्षा क्षेत्र के लोगों से संवाद किया जा न रहा है। बिलासपुर इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है और वे उनका दूत बनकर आए है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर ही यह अभियान शुरू किया गया है, ताकि युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार रोजगार, भर्ती और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मूल सवालों से लगातार बच रही है। पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक हो चुके।देशभर के 6.5 करोड़ से अधिक युवा इससे प्रभावित हुए है। पेपर लीक से 21 से अधिक युवा आत्महत्या कर चुके है। अभी तक नीट के मामले में जो कार्रवाई हुई है वह छोटे लोगों पर हुई है। छोटी मछली पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा बल्कि मगरमच्छ को पकड़ना होगा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। वे अपना पद नहीं छोड़ रहे है तो प्रधानंत्री को उन्हें तत्काल हटाना चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान इमरान ने कहा कि यदि सरकार पेपर लीक पर प्रभावी कानून, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करती तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। कांग्रेस ने युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर देशव्यापी संवाद तेज करने का ऐलान किया।
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इमरान प्रतापगढ़ी बोले- 10 साल में 89 पेपर लीक, 6.5 करोड़ युवाओं का भविष्य बर्बाद,शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने करोड़ों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
प्रतापगढ़ी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 89 पेपर लीक और 21 स्टूडेंट के सुसाइड करने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे 6.5 करोड़ से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए। उनका आरोप था कि हर बार छात्र वर्षों तक तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।
उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और उनके भरोसे पर सीधा हमला है। कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों और न्याय के लिए उठा रही है।
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छात्रों की गूंज अभियान में राज्यसभा सांसद; बोले- पेपर लीक सिर्फ परीक्षा नहीं, युवाओं के सपनों की हत्या है
पेपर लीक और भर्ती घोटालों से निराश होकर 21 से अधिक छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस गंभीर संकट पर जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे हुए है, जबकि लाखों परिवार अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
उन्होंने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जा रहा है। इस दौरान छात्र, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, कोचिंग संस्थानों से जुड़े युवा और शिक्षा क्षेत्र के लोगों से संवाद किया जाएगा। बिलासपुर इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।
प्रतापगढ़ी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर यह अभियान शुरू किया गया है, ताकि युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार रोजगार, भर्ती और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मूल सवालों से लगातार बच रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी कहा कि यदि सरकार पेपर लीक पर प्रभावी कानून, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करती, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
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इमरान बोले मछली पकड़ने से काम नहीं चलेगा, मगरमच्छ पकड़ना होगा
इमरान प्रतापगढ़ी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद कर रही है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर जवाबदेही तय कराने और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है। कोटा से शुरू हुए इस अभियान को अब देश के 28 प्रमुख छात्र शहरों तक ले जाया जा रहा है और बिलासपुर भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है।उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। उनका दावा था कि पेपर लीक की घटनाओं के बाद 21 से अधिक छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की और कहा कि केवल छोटे आरोपियों की गिरफ्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, मछली पकड़ने से काम नहीं चलेगा, मगरमच्छ पकड़ना होगा।
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इमरान बोले,सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय केवल प्रचार और आयोजनों में व्यस्त
प्रतापगढ़ी ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम करने में सक्षम हैं, लेकिन असली सवाल शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही का है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय केवल प्रचार और आयोजनों में व्यस्त है। कांग्रेस आगामी संसद सत्र में पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी और जब तक दोषियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।