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भाजपा और कांग्रेस के विधायक अमर-मेयर पूजा समेत दिग्गजों का तारबाहर में जमावड़ा,कलेक्टर एसपी भी मतदान स्थल पहुंचे स्थिति का लिया जायजा…भारी गहमा गहमी और हंगामा के बीच 3665 मतदाताओं ने डाले वोट….4 जून को होगा भाग्य का फैसला

रंगनादम ने मचाया हंगामा, भाजपा कांग्रेस के बीच विवाद की स्थिति

बिलासपुर । तारबाहर वार्ड क्रमांक 29 संजय गांधी नगर में पार्षद पद के उपचुनाव में 5255 मतदाताओं में से 3665 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया है और इस प्रकार 69.7 प्रतिशत वोटिंग हुई है। सुबह से ही दोनों
कार्यकर्ता तारबाहर आत्मानंद स्कूल मतदान केंद्र तथा घोड़ा दाना स्कूल में मतदाताओं को रिझाने में लगे थे। हालाकि मतदान की गति धीमी रही।

धीमी गति से मतदान चल रहा था। निर्धारित समय सुबह 8 बजे से मतदान जब शुरू हुआ तो बुध क्रमांक एक और दो बहुत कम मतदाता ही वोट डालने आ रहे थे। शाम 5 बजे तक 5255 मतदाताओं में से लगभग 69.7 प्रतिशत याने कि 3665 ने मतदान किया है। जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 1827 तथा महिला मतदाता 1837 ने मतदान किया एक थर्ड जेंडर ने भी वोट डाला और महिला मतदाताओं के हिसाब से पुरूष ने ज्यादा वोटिंग किया।कुल 3665 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया है। ईवीएम सील बंद करके ब्रजेश स्कूल में बने स्ट्रांग रूम में रखा गया है। यहीं पर 4 जून को वोटो की गिनती होगी। तारबाहर संजय
गांधी नगर में घोड़ा दान स्कूल के बुध क्रमांक 1 में 512 मतदाताओं ने वोट डाले तथा मतदान क्रमांक 2 में 432 ने मतदान क्रमांक 3 में 459 मतदान क्रमांक 4 में 352 मतदान क्रमांक 5 में 469 मतदान क्रमांक 6 में 576 मतदान क्रमांक 7 में 376 और मतदान क्रमांक 8 में 498 मतदाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। सभी आठ बूथ में अधिक से अधिक वोट करने की कोशिश भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता करते रहे लेकिन 70 प्रतिशत से अधिक मतदान करने में सफल नहीं हो पाए। भाजपा और कांग्रेस के नेता अपनी अपनी जीत के कयास लगा रहे हैं। विधायक अमर अग्रवाल, महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल एसएसपी रजनीश सिंह जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल के अलावा भाजपा कांग्रेस के बड़े नेता यहां तार बाहर में उपचुनाव में उपचुनाव क का जायजा लेने पहुंचेथे। अमर अग्रवाल के तार बाहर स्वामी आत्मानंद स्कूल मतदान केंद्र में पहुंचने के कुछ देर पहले ही भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच धक्का मुक्की और विवाद की स्थिति बन गई। दरअसल दोनों दल के नेता तार बाहर आत्मानंद स्कूल मतदान केंद्र के मुख्य द्वार में मतदाताओं को अपने-अपने पक्ष में करने के लिए वोट मांग रहे थे और यहां भाजपा कांग्रेस नेताओं की काफी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। भाजपा पार्षद रंगानादम ने मुख्य द्वार के सामने भीड़ हटाने की कोशिश की तो यहां कांग्रेस नेताओं से विवाद हो गया। रामा बघेल तथा कांग्रेस
कार्यकर्ताओं से रंगानादम एवं भाजपा नेताओं का विवाद हुआ और यहां पर शोरगुल होने लगा विवाद की स्थिति बन गई धका मुक्की की स्थिति बनी तो पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और 10 मिनट तक हंगामा होता रहा। जब कलेक्टर एसपी पहुंचे तब तक मामला शांत हो चुका था अमर अग्रवाल ने रंगा नादम को समझाया और शाति से मतदान करने की अपील की। विधायक ने मतदान की स्थिति की जानकारी ली। इधर कलेक्टर और एसपी ने पुलिस कर्मियों को हिदायत दी की मतदान केंद्र से दूरी पर ही लोग खड़े हो मुख्य द्वार में आवाज आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होना चाहिए। बुजुर्गों को बकायदा व्हीलचेयर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। और इस प्रकार तार बाहर में मतदान केदो में हंगामा और विवाद के बीच 3665 मतदाताओं ने वोट डाले हैं। जबकि 1590 मतदाता मतदान करने में रुचि नहीं दिखाए।जबकि मतदान करने और अपने मताधिकार का उपयोग करने की अपील जिला प्रशासन ने की थी।इसके बाद भी मतदाताओं के मतदान करना उचित नहीं
समझा।

भाजपा और कांग्रेस नेता बोले,वार्ड में हमारी होगी जीत

महापौर पूजा विधानी का कहना है कि इस बार तारबाहर
में भाजपा के पक्ष में माहौल है और मधुसूदन की जीत निश्चित है। यहां की जनता बदलाव चाहती है। जबकि जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिधांशु मिश्रा पूर्व विधायक
शैलेश पांडे का कहना है कि पूर्व बीडीए अध्यक्ष शेख गफ्फार ने इस वार्ड में विकास की नींव रखी थी और यह वार्ड तार बहार कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। वार्ड 29 में कांग्रेस कभी नहीं हारी।। स्व गफ्फार के निधन के बाद शेख असलम यहां से पार्षद निर्वाचित हुए थे अब उनके निधन के बाद उनके बेटे आजम को यहां की जनता अपना आशीर्वाद दे रही है।

भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने एक साथ खड़े होकर मतदाताओं से मांगा वोट

मतदान के दौरान भाजपा और कांग्रेस के दोनों उम्मीदवार शेख हजम तथा मधुसूदन राव तार बहार आत्मानंद स्कूल के मतदान केंद्र में एक साथ खड़े होकर मतदाताओं से वोट मांग रहे थे। दोनों उम्मीदवार अपने-अपने पक्ष में वोट डालने की अपील कर रहे थे। आप पार्टी का उम्मीदवार सोहेल नजर नहीं आया।

उपचुनाव में गर्माया रहा राजनीतिक माहौल

नगर निगम के वार्ड क्रमांक 29 संजय नगर में हुए उपचुनाव ने स्थानीय राजनीति का पारा बढ़ा दिया है। सोमवार को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चले मतदान में वार्ड के करीब 69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, लेकिन मतदान केंद्रों के बाहर राजनीतिक दलों की सक्रियता, नारेबाजी और नेताओं की मौजूदगी ने चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया।

आठ बूथों पर मतदान, दिनभर डटा प्रशासन

वार्ड के दो मतदान केंद्रों में बनाए गए आठ बूथों पर मतदान कराया गया। पूरे दिन पुलिस और प्रशासनिक अमला मतदान केंद्रों पर तैनात रहा। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, हालांकि मतदान केंद्रों के बाहर समर्थकों और नेताओं की चहल-पहल लगातार बनी रही।

बूथ के बाहर, नेताओं में हुई तीखी नोकझोंक

मतदान के दौरान बूथ परिसर में प्रवेश को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, भाजपा नेता रंगानादम और भाकपा युवा नेता मोनू रजक के बीच तीखी बहस हो गई। मामला तू-तू मैं-मैं से आगे बढ़कर तनातनी तक पहुंच गया, लेकिन मौके पर मौजूद प्रशासन और पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

संजय नगर बना राजनीतिक अखाड़ा

मतदान केंद्रों के आसपास कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं की लगातार मौजूदगी बनी रही।
कांग्रेस की ओर से जिला शहर अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, पूर्व जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय, वरिष्ठ नेता रविंद्र सिंह, रामा बघेल, समीर अहमद बबला, नेता प्रतिपक्ष भारत कश्यप, ऋषि पांडेय, जावेद मेमन और पूर्व महापौर राजेश पांडेय, मनोज तिवारी। सहित कई नेता सक्रिय नजर आए।वही भाजपा की तरफ से महेश चंद्राकर, मनीष अग्रवाल, मकबूल अहमद, प्रवीण दुबे, रंगानादम और अन्य वरिष्ठ नेता मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं से संपर्क साधते दिखाई दिए।

पूर्व मंत्री समेत जिला प्रशासन पहुंचा मतदान केंद्र का निरीक्षण करने

तारबाहर में हुए मतदान को लेकर सुबह गहमा गहमी का माहौल बना रहा उसके बाद भाजपा और कांग्रेस के कार्यकताओं के बीच हल्की नोंकझोंक और उसके बाद तू तू मै मै की स्थिति भी दिन भर बनी रही।इसी बीच पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल पहुंचे।जिन्होने अपन कार्यकताओं को शांत कराया और मतदान केंद्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।तब तक जिले के कलेक्टर और एसपी भी पहुंच गए।जिन्होने
पुलिस बल की तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था करके बेवजह मतदान केंद्र और बूथ के पास खड़े होने वालों को बाहर निकाला।

पहले खुला रहा दोनों गेट,फिर मुख्य द्वार बंद कर छोटे गेट से दिया प्रवेश

सुबह जब मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई तब मुख्य गेट और छोटा गेट दोनों खुला रहा । लेकिन बढ़ती गहना गहमी और हंगामा होने के कारण मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया और छोटे गेट से प्रवेश दिया गया।इस बीच मतदाताओं को रिझाने की पूरी कोशिश भाजपा और कांग्रेस के लोगो ने की।

शेख परिवार का गढ़ या भाजपा की वापसी

वार्ड क्रमांक 29 लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। सबसे पहले कांग्रेस नेता शेख गफ्फार ने भाजपा को हराकर इस सीट पर कब्जा किया था। उनके निधन के बाद कांग्रेस ने उनके छोटे भाई शेख असलम को मैदान में उतारा।शेख असलम ने लगातार दो चुनावों में भाजपा प्रत्याशी मसूदन राव को पराजित कर वार्ड में कांग्रेस का दबदबा कायम रखा। लेकिन चार-पांच माह पहले उनके आकस्मिक निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई और उपचुनाव की नौबत आई।अब कांग्रेस ने राजनीतिक विरासत और सहानुभूति वोट को साधने के लिए शेख असलम के पुत्र मोहम्मद आजम को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर भाजपा ने तीसरी बार मसूदन राव को मैदान में उतारकर वर्षों पुरानी हार का हिसाब चुकाने की रणनीति बनाई है।

एसआईआर के बाद बदला वार्ड का गणित

विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के पहले वार्ड में कुल 7,155 मतदाता थे। पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या घटकर 5,255 रह गई। यानी लगभग 1,900 नाम मतदाता सूची से बाहर हुए।
वर्तमान मतदाता संरचना पर नजर डालें तो मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 1,359, सतनामी समाज के मतदाता 681, ईसाई समुदाय के 611, आदिवासी मतदाता 295 तथा धोबी समाज के 239 मतदाता हैं। कुल मिलाकर सामाजिक समीकरण इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने की स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।

दोनों दलों के अपने-अपने दावे

कांग्रेस का दावा है कि शेख असलम के कार्यकाल और सहानुभूति लहर के कारण वार्ड में पार्टी की स्थिति मजबूत है और मतदाता एक बार फिर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे।वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश में विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं और संगठन की सक्रियता का लाभ पार्टी को मिलेगा तथा इस बार परिणाम अलग होंगे।

अब नज़रे सिर्फ मतगणना पर

69 प्रतिशत मतदान के बाद संजय नगर का चुनावी रण फिलहाल शांत हो गया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस अपने परंपरागत गढ़ को बचाने का दावा कर रही है तो भाजपा वर्षों से हाथ से फिसलती आ रही सीट पर कब्जे का भरोसा जता रही है।

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