सुशासन तिहार में गूंजा किसानों का खाद संकट,कांग्रेस नेता विजय केशरवानी के साथ म गरजे किसान—वादे नहीं, खाद चाहिए

बिलासपुर।खरीफ सीजन शुरू हो चुका है। मानसून दस्तक देने वाला है। खेत तैयार हैं, लेकिन खाद नहीं। यही बेचैनी सोमवार को उस वक्त खुलकर सामने आ गई जब बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के किसान अपने इलाके में समाधान का इंतजार करने के बजाय सीधे तखतपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित गनियारी पहुंच गए, जहां सुशासन तिहार का जिला स्तरीय शिविर चल रहा था। खाद संकट से परेशान किसानों ने कांग्रेस नेता विजय केशरवानी की अगुवाई में कलेक्टर और जिला प्रशासन के सामने मोर्चा खोलते हुए पूछा कि आखिर खेती की तैयारी करें या खाद के लिए भटकते रहे।विजय केशरवानी ने बताया कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में 22 सहकारी समितिया है। डीएपी, यूरिया, एनपीके और अन्य आवश्यक उर्वरकों की कमी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। किसान लगातार समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल रहा। बुआई का समय नजदीक है और खेतों में उतरने की तैयारी कर चुके किसान अब खाद के अभाव में चिंता में डूबे हैं
खाद संकट को लेकर किसान पहले कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। वहां उन्हें जानकारी मिली कि कलेक्टर संजय अग्रवाल समेत जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सुशासन तिहार के तहत गनियारी शिविर में मौजूद हैं। इसके बाद किसानों ने इंतजार नहीं किया। विजय केशरवानी की अगुवाई में किसान सीधे गनियारी पहुंच गए और शिविर के बीच अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा।
शिविर में कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल। समेत जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने खाद संकट, अव्यवस्थित वितरण और समितियों
में खाली पड़े भंडारों का मुद्दा उठाया।
खेत तैयार, खाद नहीं; बढ़ रही किसानों की चिंता
किसानों ने कहा कि खरीफ सीजन के लिए खाद का वितरण अब तक सुचारु रूप से हो जाना चाहिए था, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। समितियों में पर्याप्त स्टॉक नहीं है। किसान घंटों लाइन में लग रहे हैं, फिर भी खाली हाथ लौट रहे हैं। समय पर खाद नहीं मिलने से धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
कालाबाजारी और कृत्रिम अभाव पर उठे सवाल
ज्ञापन में किसानों ने कहा कि सहकारी समितियों में खाद की कमी का फायदा उठाकर कुछ निजी विक्रेता और बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर कृत्रिम अभाव पैदा कर खाद वितरण को प्रभावित करने की बात भी किसानों ने प्रशासन के सामने रखी।
अन्नदाता से अन्याय बर्दाश्त नहीं— केशरवानी
विजय केशरवानी ने कहा कि खेती का समय निकलता जा रहा है और किसान खाद के लिए भटक रहा है। यह स्थिति अन्नदाता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि बेलतरा विधानसभा की 22 समितियों में खाद संकट गहराया हुआ है। यदि तत्काल पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराया गया तो इसका सीधा असर उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि किसान आज अपने क्षेत्र को छोड़कर दूसरे
विधानसभा क्षेत्र में आयोजित शिविर तक पहुंचने को मजबूर हैं, इससे बड़ी विफलता और क्या हो सकती है।
10 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
किसानों और कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, स्टॉक की सार्वजनिक जानकारी जारी करने, कालाबाजारी और जमाखोरी पर कार्रवाई करने, निगरानी टीम गठित करने, हेल्पलाइन शुरू करने तथा खाद संकट वाले क्षेत्रों में विशेष आपूर्ति अभियान चलाने की मांग की।
कलेक्टर ने दिया किसानों को भरोसा
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। किसानों के हितों के साथ किसी प्रकार का अहित नहीं होने दिया जाएगा