भारी बारिश से चैतुरगढ़ का रैम्प हुआ क्षतिग्रस्त, तीन हजार फीट की ऊंचाई पर वाहनों को ले जाना हुआ प्रतिबंध

मंदिर समिति की अपील- पर्यटक एहतियात बरतें, फिलहाल पैदल ही जाएं.
कोरबा/पाली:- प्रकृति की मार से कोरबा जिले का प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल चैतुरगढ में तीन हजार की फीट पर विराजमान मां महिषासुर मर्दिनी मंदिर तक पहुँचने वाला कांक्रीट रैम्प बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जहां वाहनों को रैम्प से ऊपर ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और दर्शानार्थी व पर्यटकों को पैदल चलकर मंदिर तक जाने अपील की गई है।
पाली विकासखण्ड अंतर्गत व ब्लाक मुख्यालय से 32 किमी. दूर चैतुरगढ़ में बीहड़ वनांचल पहाड़ी पर स्थित मां महिषासुर मर्दिनी मंदिर तक पहुँचने तीन हजार फीट की ऊंचाई वाले निर्मित रैम्प के बारिश से क्षतिग्रस्त होने को लेकर दुपहिया- चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर वर्तमान हालात को देखते हुए प्रतिबंध लगा दिया गया है। बीते दिनों भारी बारिश से बरसाती पानी के तेज बहाव से रैम्प के नीचे की मिट्टी बह गई है, जिससे रैम्प नीचे से खोखला हो गया और ऊपरी हिस्से में बड़ी- बड़ी दरारें आ गई है, इससे रैम्प का कुछ हिस्सा कमजोर हो गया है। बड़े- बड़े पत्थर भी रास्ते मे बिखरे पड़े हैं। इस स्थिति में वाहनों को ऊपर मंदिर तक ले जाना किसी खतरे से कम नही है। दर्शनार्थी और पर्यटक केवल पैदल ही मंदिर तक पहुँच सकते हैं। जिस दौरान भी पूरी एहतियात बरतनी होगी। पहाड़ी फिसलन और टूटे रैम्प के कारण बुजुर्गों व बच्चों के लिए भी चढ़ाई जोखिम भरा हो गया है। बता दें कि चैतुरगढ़ न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि कोरबा जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है। यहां नवरात्रि व मानसून में हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। रैम्प खराब होने से पर्यटन और स्थानीय व्यापार दोनों प्रभावित होंगे। ऐसे में मानसून ने चैतुरगढ़ माता के मंदिर तक जाने वाले श्रद्धालुओं की राह थोड़ी मुश्किल कर दी है।