मुंह बांधकर और छाते की आड़ में पहुंचा चोर,गैंती से चौखट तोड़कर लाखों के जेवर पार
राजकिशोर नगर में लोको पायलट के सूने मकान को बनाया था निशाना
कैमरे से बचने 5-6 किमी तक छाता और गैंती लेकर घूमता रहा आरोपी
बिलासपुर। शहर में चोरों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। राजकिशोर नगर में एक चोर ने सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए मुंह पर गमछा बांधा और छाते की आड़ लेकर इलाके में घूमता रहा। मकान में ताला बंद देखकर उसने गैंती से चौखट उखाड़ी और घर के अंदर दाखिल हो गया। इसके बाद बेडरूम की आलमारी और लॉकर तोड़कर लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर फरार हो गया। पुलिस ने चोरी गए जेवरों की कीमत करीब 4.50 लाख रुपए दर्ज की है, जबकि पीड़ित के मुताबिक जेवरों की वर्तमान कीमत 10 लाख रुपए से अधिक है।जिसका खुलासा अब तक नहीं हो सका है।ऐसे में सरकंडा पुलिस ने इस मामले में बड़ा अपडेट दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजकिशोर नगर शनि मंदिर के पीछे रहने वाले रेलवे लोको पायलट सदानंद बघेल 14 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे परिवार के साथ बच्चे की शतरंज प्रतियोगिता में शामिल होने भिलाई गए थे। घर में ताला लगा हुआ था।
15 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे पड़ोसी राजेश सोनी ने सदानंद बघेल को फोन कर घर का ताला टूटा होने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार वापस बिलासपुर पहुंचा। सुबह करीब 9.15 बजे घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि मकान के दरवाजे और बेडरूम की आलमारी के साथ लॉकर भी टूटा हुआ था। घर के अंदर सामान और कपड़े बिखरे पड़े थे।
जांच करने पर पता चला कि चोर सोने के तीन सेट, दो मंगलसूत्र, दो चूड़ियां, दो चेन, डायमंड रिंग, चोकर सेट, हार, सीताहार, कान के टॉप्स-बालियां सहित चांदी की चार जोड़ी पायल और 10 बिछिया चोरी कर ले गया है।
छाता और गैंती लेकर कई गलियों में घूमता रहा
चोरी की जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। फुटेज में संदिग्ध युवक राजकिशोर नगर की अलग-अलग गलियों में छाता और गैंती लेकर घूमता दिखाई दे रहा है। उसने कैमरों से अपनी पहचान छिपाने के लिए मुंह पर गमछा बांध रखा था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी करीब 5 से 6 किलोमीटर के क्षेत्र में घूमता रहा। इसके बाद एक ऐसे मकान को निशाना बनाया, जहां ताला लगा हुआ था। उसने गैंती की मदद से चौखट को उखाड़ा और अंदर घुसकर आलमारी तथा लॉकर तोड़ दिया।पुलिस की टीम सीसीटीवी फुटेज के अलावा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान और तलाश में जुटी है। साथ ही पुलिस मुखबिरों के जरिए इलाके में सक्रिय संदिग्धों की जानकारी भी जुटा रही है।
छह महीने में चोरी की 43 वारदातें, 15 अब भी अनसुलझी
जिले में चोरी और नकबजनी की वारदातों का आंकड़ा भी चिंता बढ़ाने वाला है। पिछले छह महीनों में नकबजनी और बड़ी चोरी की करीब 43 वारदातें दर्ज हुई हैं। इनमें से पुलिस करीब 29 मामलों का खुलासा कर चुकी है, जबकि लगभग 15 मामले अब भी अनसुलझे हैं।कोटा में हुई करीब 20 लाख रुपए की चोरी और हिर्री में एसआई के घर हुई चोरी समेत कई मामलों में पुलिस को अब तक ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
सूने मकान चोरों के निशाने पर
पुलिस की जांच में सामने आए आंकड़ों के अनुसार बड़ी चोरी की करीब 70 प्रतिशत वारदातें ऐसे मकानों में हुई हैं, जहां परिवार ताला लगाकर बाहर गया था। वहीं करीब 65 प्रतिशत घटनाएं रात 1 बजे से सुबह 4.30 बजे के बीच हुईं, जबकि लगभग 35 प्रतिशत चोरी दिन में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच हुई हैं।राजकिशोर नगर की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि चोर अब सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए भी नए तरीके अपना रहे हैं। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उसके पकड़े जाने के बाद चोरी की इस वारदात से जुड़े अन्य सुराग मिलने की उम्मीद है।
वर्जन
चोरों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।आसपास के सीसीटीवी और लोगो से पूछताछ जारी है।
प्रदीप आर्या
टीआई सरकंडा थाना