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यूनो मिंडा के नाम पर नकली हैंडल बार स्विच बेच रहा था दुकानदार,मगरपारा रोड की ऑटो पार्ट्स दुकान में मिला डुप्लीकेट सामान

सिविल लाइन पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में की कार्रवाई

बिलासपुर। मगरपारा रोड स्थित एक ऑटो पार्ट्स दुकान में ब्रांडेड कंपनी यूनो मिंडा के नाम पर नकली हैंडल बार स्विच बेचने का मामला सामने आया है। कंपनी की ओर से अधिकृत जांच एजेंसी की शिकायत और दस्तावेजों की जांच के बाद सिविल लाइन पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी, ट्रेडमार्क उल्लंघन और कॉपीराइट एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, कोलकाता की जांच एजेंसी ईआईपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर अधिकारी शुभाशीष डे 42 ने इस संबंध में सिविल लाइन थाने में शिकायत की थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी एजेंसी को यूनो मिंडा कंपनी ने बाजार में कंपनी के नाम और ट्रेडमार्क का दुरुपयोग कर बेचे जा रहे डुप्लीकेट एवं फर्जी स्पेयर पार्ट्स की जांच करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत किया है।यूनो मिंडा टू-व्हीलर वाहनों के विभिन्न पार्ट्स का निर्माण करने वाली कंपनी है और उसके ब्रांड व ट्रेडमार्क पंजीकृत हैं।

मार्केट सर्वे में सामने आया मामला

शिकायतकर्ता के मुताबिक, बिलासपुर में मार्केट सर्वे के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि मगरपारा रोड स्थित बोल बम ऑटो पार्ट्स से यूनो मिंडा के नाम पर नकली हैंडल बार स्विच बेचे जा रहे हैं। जांच के दौरान दुकान संचालक अनुज प्रसाद चौरसिया की दुकान पर ऐसे पार्ट्स मिलने की शिकायत की गई, जिन्हें कंपनी के असली उत्पाद के रूप में बेचा जा रहा था।शिकायतकर्ता ने पुलिस को कंपनी की ओर से अधिकृत किए जाने से संबंधित दस्तावेज, प्रमाण-पत्र और कॉपीराइट रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में जुर्म दर्ज किया है।

बीएनएस और कॉपीराइट एक्ट की धाराओं में मामला

सिविल लाइन पुलिस ने दुकान संचालक अनुज प्रसाद चौरसिया के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत अपराध दर्ज किया है।शिकायत के अनुसार, आरोपी को कथित तौर पर इस बात की जानकारी थी कि दुकान में बेचे जा रहे हैंडल बार स्विच यूनो मिंडा के असली उत्पाद नहीं हैं। इसके बावजूद उन्हें कंपनी के नाम और ब्रांड का इस्तेमाल करते हुए ग्राहकों को असली बताकर बेचने का आरोप है।पुलिस ने मामला दर्ज कर नकली ऑटो पार्ट्स की बिक्री, उनकी आपूर्ति के स्रोत और दुकान में उपलब्ध अन्य सामान के संबंध में जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि डुप्लीकेट पार्ट्स कहां से मंगाए जाते थे और इनके जरिए कितने ग्राहकों को सामान बेचा गया।

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