लोको पायलटों की महारैली, परिवार भी उतरे सड़क पर; मांगों को लेकर रेलवे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

बिलासपुर । रेल मंडल में लोको पायलट और रनिंग स्टाफ का आंदोलन लगातार जारी है। मांगों को लेकर कर्मचारी पिछले 8 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। आंदोलन के 9वें दिन, 16 सितंबर को कर्मचारियों के परिवार भी समर्थन में सड़क पर उतरे। AILRSA के बैनर तले लोको रनिंग परिवार ने संयुक्त लॉबी बिलासपुर से रेल महाप्रबंधक कार्यालय तक महारैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
महारैली के दौरान कर्मचारियों ने रजिस्ट्रीकरण रद्द करने, लंबे ड्यूटी आवर्स को लेकर कथित गलत डेटा देना बंद करने और आधारहीन चार्जशीट रद्द करने जैसी मांगें उठाईं। इसके साथ ही संरक्षा नियमों के नाम पर कर्मचारियों को दंडित करने की कार्रवाई बंद करने की मांग भी की गई। कर्मचारियों का कहना है कि ट्रेनों के सुरक्षित संचालन की जिम्मेदारी निभाने वाले रनिंग स्टाफ को पर्याप्त आराम और बेहतर कार्य परिस्थितियां मिलनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने बिलासपुर के Sr.DEE (OP) के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए और कथित भ्रष्टाचारपूर्ण आचरण की CBI जांच की मांग की। हालांकि भ्रष्टाचार और प्रताड़ना से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और रेलवे प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। कर्मचारियों का आरोप है कि स्टाफ की कमी, लंबे ड्यूटी आवर्स और काम के दबाव के कारण उनकी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
AILRSA के पदाधिकारियों का कहना है कि मांगों का समाधान होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। अब कर्मचारियों की मांगों और लगाए गए आरोपों पर रेलवे प्रशासन क्या जवाब देता है, इस पर नजर है।