वायरल ऑडियो में ‘यादव साहब’ पर 50 हजार की वसूली का दावा,एक से 10 हजार तो दूसरे से 40 हजार लेकर मशीनें छोड़ने का आरोप

अवैध मुरुम खनन पर कार्रवाई के बाद खनिज विभाग ही सवालों के घेरे में
बिलासपुर।यादव साहब ने एक वाहन मालिक से 10 हजार और दूसरे से 40 हजार लिए और उसके बाद रात में ही मुरूम का उत्खनन कर रहे मशीन और गाड़ियों को छोड़ दिया।ऐसा एक वायरल वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।जिसमें खनिज विभाग पर गंभीर आरोप लग रहे है।लेकिन इंस्पेक्टर का दावा है कि यह उसके लिए नहीं बल्कि दूसरे यादव के लिए है।
दरअसल खनिज विभाग अवैध काम करवाने और माफियाओं को संरक्षण देने के मामले में काफी प्रचलित है।
जिसमें सबसे ज्यादा अवैध काम को करने के लिए संरक्षण दिया जाता है।यही कारण है कि प्रतिबंध के बाद भी रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन धड़ल्ले से हो रहा है इतना ही नहीं खनिज विभाग की नाक के नीचे से मुरूम का अवैध उत्खनन जोरो से सिर्फ रात के होता है।
जिसमें खनिज विभाग के एक यादव साहब का नाम खूब आ रहा है।जिनके ऊपर पैसा लेकर मशीनों और गाड़ियों को छोड़ने का गंभीर आरोप लगा है।
बता दे सकरी थाना क्षेत्र के खजुरी नवागांव में कथित अवैध मुरुम खनन का मामला विवाद में घिरता नजर आ रहा है। अवैध खनन को लेकर खबर सामने आने के बाद खनिज विभाग की कार्रवाई तो हुई, लेकिन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ऑडियो ने उसी कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑडियो में एक युवक कथित तौर पर कार्रवाई के बाद मशीनों और वाहनों को छोड़े जाने के एवज में पैसों के लेन-देन का दावा करता सुनाई दे रहा है। हालांकि,वायरल ऑडियो की सत्यता, उसमें मौजूद आवाज और उसमें लगाए गए आरोपों की लोकस्वर स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। ऑडियो में किए गए दावे जांच का विषय हैं।क्योंकि इसमें एक युवक ने कबूल किया है कि मशीन उसकी थी और खनिज विभाग के सेटिंग से सिर्फ़ रात को अवैध उत्खनन करने का काम करता था।
दिखावे की कार्रवाई के बाद पैसे लेने का दावा
वायरल ऑडियो में युवक कथित तौर पर दावा करता है कि खजुरी नवागांव में खबर सामने आने के बाद रात के समय कार्रवाई की गई थी। इस दौरान मशीनों और वाहनों को जब्त किए जाने की बात कही गई। इसके बाद युवक ऑडियो में कथित तौर पर दावा करता है कि “यादव साहब” ने एक वाहन मालिक से 10 हजार रुपये और दूसरे वाहन मालिक से 40 हजार रुपये लिए है। तथा इसके बाद मशीनें और वाहन छोड़ दिए गए।
आखिर कौन हैं ऑडियो में बताए गए ‘यादव साहब’
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब यह है कि वायरल ऑडियो में जिस ‘यादव साहब’ का उल्लेख किया जा रहा है, आखिर वे कौन हैं और क्या उनका खनिज विभाग की कार्रवाई से कोई संबंध था? इस संबंध में खनिज विभाग के इंस्पेक्टर राजू यादव से जानकारी ली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑडियो में जिन ‘यादव’ का जिक्र किया जा रहा है, वे स्वयं नहीं हैं। उनके अनुसार ऑडियो में किसी अन्य यादव का उल्लेख किया गया है। ऐसे में अब विभाग के सामने यह स्पष्ट करने की जरूरत है कि ऑडियो में उल्लेखित व्यक्ति की पहचान क्या है और क्या उसका खनिज विभाग की कार्रवाई से कोई संबंध रहा है।
2 से 3 किलोमीटर के दायरे में बड़े पैमाने पर खनन का आरोप
खजुरी नवागांव क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कथित मुरुम खनन का मामला सामने आया था। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए गए थे कि करीब 2 से 3 किलोमीटर के क्षेत्र में कई स्थानों पर मुरुम का खनन किया गया और कुछ जगहों पर जमीन को कथित तौर पर 50 से 60 फीट तक खोदे जाने की बात कही गई। मामला सामने आने के बाद खनिज विभाग की कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी। कार्रवाई के बाद अब वायरल ऑडियो सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली और जब्त वाहनों-मशीनों को छोड़े जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।
लगातार खनिज विभाग पर अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों को संरक्षण देने का लग रहे गंभीर आरोप
सूत्र बता रहे है कि इसमें खनिज विभाग पर कई तरह के गंभीर आरोप लग रहे है।खनिज विभाग पर संरक्षण देने और माफियाओं से अवैध उत्खनन और परिवहन करवाने का गंभीर आरोप लगा है।जिसमें कारण प्रतिबंध के बाद भी मस्तूरी,कोटा रतनपुर,तखतपुर और बिल्हा क्षेत्र के रेत,मुरूम और मिट्टी का अवैध उत्खनन जोरो से किया जा रहा है।जिसमें कार्रवाई होती है लेकिन दिखावे की कार्रवाई होती है।जिसके कारण माफियाओं के भी हौसले बुलंद रहते है।