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विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत तपती धूप और तेज गर्मी में गाँव-गाँव पहुँच रहे वैज्ञानिक

20 मई तक चलने वाले इस अभियान में अब तक 160 गाँवों में दी गई जागरूकता

​बिलासपुर।वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख
डॉ. गीत शर्मा एवं उपसंचालक कृषि
डॉ. पीडी. हतेश्वर के मार्गदर्शन में विकसित कृषि संकल्प अभियान का वर्तमान में सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। कृषि विभाग के सामूहिक समन्वय से संचालित यह विशेष अभियान 5 मई से प्रारंभ होकर 20 मई 2026 तक निरंतर चलेगा। इस अभियान के अंतर्गत, जिले के प्रत्येक ब्लॉक में प्रतिदिन दो गाँवों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से आज 15 मई तक जिले के विभिन्न विकासखंडों के कुल 160 गाँवों में किसानों को सक्रिय रूप से प्रशिक्षित और जागरूक किया जा चुका है। ​

ब्लॉकवार विशेषज्ञ टीमों का नेतृत्व

वैज्ञानिकों की टोलियाँ लगातार निर्धारित समयसीमा के भीतर गाँव-गाँव पहुँचकर किसानों से सीधा संवाद कर रही हैं।जिसमें
​बिल्हा ब्लॉक: डॉ. शिल्पा कौशिक विषय वस्तु विशेषज्ञ।
​तखतपुर ब्लॉक डॉ. एकता ताम्रकार एवं डॉ. चंचला रानी पटेल।


​मस्तूरी ब्लॉक डॉ. निवेदिता पाठक एवं हेमकांति बंजारे।
​कोटा ब्लॉक डॉ. अमित शुक्ला एवं समस्त वैज्ञानिक व इंजीनियर टीम।
​गौरेला-पेंड्रा-मरवाही इंजीनियर जयंत साहू एवं पंकज मिंज कृषि वैज्ञानिक।

​प्रशिक्षण एवं जागरूकता के मुख्य बिंदु

अभियान के दौरान कृषकों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण तकनीकों पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।जिसमें किसानों को सरकार द्वारा दी गई योजनाओं की जानकारी और नया तकनीक के बारे में बताया जा रहा है।


इसके साथ ही किसानों को प्रशिक्षण देकर जागरूक करने का काम किया जा रहा है।

​नील हरित काई उत्पादन

धान की फसल में जैविक नाइट्रोजन की आपूर्ति हेतु नील हरित काई उत्पादन की उन्नत विधि के बारे में बताया जा रहा है इसके साथ ही मिट्टी की उर्वरा शक्ति को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने के लिए ढैंचा एवं सनई के उत्पादन का महत्व और उपयोग के बारे में जानकारियां दी जा रही है। मिट्टी परीक्षण के आधार पर संतुलित खाद के प्रयोग और रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग के प्रति किसानों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है। जल एवं मृदा संरक्षण की दिशा में ‘बिलासपुर बंधन’ तकनीक के माध्यम से विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।


​20 मई तक चलने वाले इस सघन अभियान का लक्ष्य मानसून की शुरुआत से पहले अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचकर उन्हें आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना है।

जीपीएम में जनसमस्या निवारण शिविर में सहभागिता

कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर द्वारा जीपीएम जिले में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में सहभागिता की गई।जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और खेती किसानी से होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में।गंभीरता से बताया।

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