संविदा जूनियर डॉक्टरों ने सिम्स अधिष्ठाता से लगाई गुहार,10 साल से वेतनमान में बढ़ोतरी नहीं

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में कार्यरत संविदा जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने लंबे समय से लंबित वेतनमान वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को संस्थान के अधिष्ठाता डॉ. रमनेश मूर्ति से मुलाकात की। डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए मानदेय में उचित वृद्धि किए जाने की मांग रखी।
दरअसल संविदा जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि सिम्स बिलासपुर में उनका वर्तमान वेतनमान पिछले करीब 10 वर्षों से यथावत है। इस अवधि में महंगाई और जीवन-यापन की लागत में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन उनके मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई। डॉक्टरों ने इसे आर्थिक एवं व्यावसायिक असमानता से जोड़ते हुए वेतनमान में संशोधन की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि संविदा जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर अस्पताल की आकस्मिक सेवाओं, ओपीडी, वार्ड प्रबंधन और शैक्षणिक गतिविधियों में नियमित जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के समान जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इसके बावजूद मानदेय में अंतर और लंबे समय से वेतन वृद्धि नहीं होने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।डॉक्टरों ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ के अन्य मेडिकल कॉलेजों में संविदा जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को सिम्स बिलासपुर की तुलना में अधिक वेतनमान,मानदेय दिए जाने की स्थिति है। प्रतिनिधिमंडल ने अन्य शासकीय चिकित्सा संस्थानों और राज्यों में प्रचलित मानदेय की तुलना में उचित वेतनमान निर्धारित किए जाने की मांग की।
अधिष्ठाता ने उच्च अधिकारियों तक मांग भेजने का दिया आश्वासन
डॉक्टरों की मांगों को सुनने के बाद सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमनेश मूर्ति ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों के समक्ष भेजा जाएगा। साथ ही मांगों पर उचित कार्रवाई और उन्हें पूरा करने के लिए आवश्यक अनुशंसा किए जाने की बात कही।मुलाकात के दौरान जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव डॉ. योगेश्वर जायसवाल भी उपस्थित रहे।