साइबर जागृति की एक सेल्फी

बिलासपुर।आजादी की लड़ाई में देश एकजुट हुआ था, अब साइबर अपराध के खिलाफ भी ऐसी ही एकजुटता की जरूरत है। इसी सोच के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस ने ‘साइबर जागृति सेल्फी’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मकसद लोगों को साइबर ठगी से बचाना है। रविवार को रतनपुर मंदिर परिसर में ग्रामीण श्रद्धालुओं को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई।
दरअसल साइबर अपराध के खिलाफ अब सेल्फी को हथियार बनाया गया है। छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान के तहत लोग क्यूआर कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी तस्वीर ले रहे हैं और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। जिले में एसएसपी रजनेश सिंह ने क्यूआर कोड स्कैन कर इस अभियान की शुरुआत की और खुद सेल्फी लेकर लोगों को साइबर जागरूकता का संदेश दिया। इसी कड़ी में रविवार को रतनपुर के प्रसिद्ध महामाया मंदिर परिसर में भी साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। ग्रामीण एएसपी मधुलिका सिंह के नेतृत्व में रतनपुर पुलिस ने श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए। मंदिर परिसर में लगाए गए क्यूआर कोड को श्रद्धालुओं ने मोबाइल से स्कैन किया और जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर साझा की।अभियान के दौरान बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों का कहना था कि साइबर ठगो के निशाने पर अक्सर बुजुर्ग होते हैं, इसलिए इस तरह का अभियान बेहद जरूरी है। लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जागरूकता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों देशवासी एकजुट हुए थे, उसी तरह साइबर अपराध के खिलाफ भी सभी को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान का हिस्सा बनें।