20 दिन की लुका-छिपी के बाद पकड़ा गया, 4 अपार्टमेंट में चोरी करने वाला शातिर चोर ताज,चार राज्यों में है 47 मामले दर्ज, सात बार चकमा देकर आठवीं बार लगा हाथ,एसएसपी ने की इनाम की घोषणा
बिलासपुर। शहर में दिनदहाड़े पॉश अपार्टमेंट्स में चोरी कर पुलिस को चुनौती देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का आखिरकार पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने 20 दिन तक मेरठ में कैंप कर गिरोह के सरगना ताज मोहम्मद को गिरफ्तार किया है। आरोपी इतना शातिर है कि हर बार जेल से छूटते ही नई जगह जाकर बड़ी वारदात करता था। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड लेकर पुलिस मेरठ से बिलासपुर आ रही हैं। वहीं एसएसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली टीम के लिए इनाम की घोषणा की है।
मामला 28 सितंबर 2025 का है, जब सिविल लाइन थाना क्षेत्र के साकेत अपार्टमेंट और मंगला स्थित रियल हेवन में दिनदहाड़े चोरी हुई थी। चोर बैंक कर्मचारियों जैसे प्रोफेशनल लुक में आए थे, इसलिए गार्ड्स को शक नहीं हुआ। बदमाश 10 लाख रुपए से ज्यादा के जेवर लेकर फरार हो गए थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने सिविल लाइन पुलिस और एसीसीयू की स्पेशल टीम बनाई। टीम ने शहर के 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले और मोबाइल टॉवर डंप डेटा से सुराग जुटाए। जांच में आरोपी की पहचान मेरठ के समयपुर निवासी ताज मोहम्मद के रूप में हुई। पुलिस टीम ने दिल्ली और मेरठ में 20 दिन तक डेरा डाला। आरोपी बार-बार ठिकाना और मोबाइल नंबर बदलकर बचता रहा, लेकिन 24 अप्रैल की सुबह मुखबिर की सूचना पर उसे घेरकर पकड़ लिया गया।
किन-किन अपार्टमेंट में की वारदात:–:
कमला श्री इन्क्लेव: 23 सितंबर 2025 को फ्लैट नंबर 302 में दिनदहाड़े चोरी। महिला बाल विकास अधिकारी के घर से नकदी और जेवर ले गए।
साकेत अपार्टमेंट: 28 सितंबर की सुबह सूने फ्लैट का ताला तोड़कर रत्न जड़ित नेकलेस समेत कीमती जेवर पार किए।
प्रेम अपार्टमेंट: मुंगेली नाका में बंद फ्लैट में घुसे, काफी देर तलाश के बाद भी कुछ नहीं मिला। रियल हेवन अपार्टमेंट मंगला में रेकी के बाद एक घर को निशाना बनाया। लोगों को शक हुआ तो आरोपी भाग निकले, यहीं से पुलिस को अहम सुराग मिला।
4 राज्यों में 47 से ज्यादा केस:–
ताज मोहम्मद पर यूपी, दिल्ली, हरियाणा और छत्तीसगढ़ में 47 से ज्यादा चोरी और लूट के मामले दर्ज हैं। वह गिरोह का मास्टरमाइंड है और हर बार जेल से छूटकर नई जगह वारदात करता था।
7 बार चकमा, 8वीं बार पकड़:–
पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए 7 बार कोशिश की, लेकिन हर बार वह चकमा देकर फरार हो गया। आखिर में 8वीं बार टीम को मेरठ में कैंप कराया गया। 20 दिन तक लगातार निगरानी के बाद आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा