छत्तीसगढ़ में खुलेंगी 67 नई शराब दुकानें, प्रीमियम की भी अलग से

बिलासपुर में बढ़ेगी 2 प्रीमियस शॉप
अंग्रेजी और देशी दुकानों को किया जायेगा अलग अलग,अंग्रेजी दुकानों में काउंटर बढ़ाकर देशी शराब भी बेचने का प्रस्ताव
बिलासपुर। राज्य में 674 शराब दुकानों का संचालन हो रहा है।
जिसको देखते हुए दुकानों की संख्या 10 फीसदी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इसमें नई दुकानें उन क्षेत्रों में खोली जाएंगी,जहां अब तक शराब दुकानें नहीं हैं। इसके अलावा, प्रीमियम शराब की नई दुकानें भी खुलेंगी।
बता दे आबकारी आयुक्त ने सभी जिला कलेक्टरों को वर्ष 2025-26 में शराब दुकानों के संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पिछले वर्ष राज्य में कुल 674 शराब दुकानें संचालित थीं, जिनमें से कई बड़े जिलों में प्रीमियम शराब की बिक्री के लिए विशेष दुकानें भी थीं। इनकी संख्या 29 थी। नई नीति के तहत, राज्य में सभी 674 दुकानें यथावत बनी रहेंगी और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त प्रीमियम दुकानें खोलने की भी अनुमति दी गई है।
नई शराब दुकानों को खोलने के लिए भेजा जा रहा प्रस्ताव
राज्य सरकार ने अवैध शराब बिक्री पर नियंत्रण के लिए 10% नई शराब दुकानें खोलने की मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत, 67 नई देशी-विदेशी शराब दुकानें स्थापित की जाएंगी। जिला कलेक्टरों को इन दुकानों से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक जांच के बाद आबकारी आयुक्त को भेजना होगा। इसके बाद राज्य सरकार की मंजूरी मिलने पर नई दुकानों का संचालन शुरू किया जाएगा।
आबकारी विभाग के अधिकारी ने बताया कि दूरियां घटाई जाएगी,2 प्रीमियम शॉप और खुलेगी
सूत्र ने बताया कि आबाकारी विभाग ने शराब दुकानों की दूरियां घटेगी इसके साथ ही अंग्रेजी और देशी शराब दुकानों को बढ़ाया जायेगा।कई ऐसे दुकानें भी है जो अंग्रेजी और देशी एक साथ है।जिसमें अंग्रेजी और देशी की शराब दुकानों को अलग अलग किया जायेगा।ताकि अंग्रेजी की दुकानों में देशी शराब भी मिल सके और इसके लिए काउंटर बढ़ाए जाएंगे।इसके साथ शहर में दो प्रीमियम शॉप की दुकानों को भी बढ़ाया जायेगा इससे आने वाले दिनों में चार दुकानें हो जाएगी और शराब की दुकानों में।लगने वाली भीड़ भी कम होगी।
ग्राम पंचायतों में भेजा जा रहा अनुमति के लिए प्रस्ताव
नए शराब दुकान खोलने के लिए 3 हजार से अधिक आबादी वाले ग्राम पंचायतो में प्रस्ताव भेजा जा रहा है।ताकि शराब दुकान खुलने के पहले अनुमति ले लिया जाए।अगर कोई ग्राम पंचायत अनुमति नहीं देगा तो वहां दुकानें नहीं खुलेगी।लेकिन हर ग्राम पंचायत में प्रस्ताव नहीं भेजा जा रहा है।बल्कि जहां कच्ची शराब और शराब की बिक्री की ज्यादा संभावना है वहा खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
आबकारी विभाग के अधिकारी ने बताया कि लंबी दूरी वाले शराब दुकानों को बांट दिए जाएंगे
शहर में ऐसे कई शराब दुकान है।जो एक साथ है जिसमें अंग्रेजी और देशी की शराब दुकान एक साथ है जिसे दूर किया जायेगा।इससे शराब दुकानों का आंकड़ा तो बढ़ेगा ही साथ ही भीड़ लगने से भी मुक्ति मिलेगी।
इससे आने वाले दिनों में कोचियों और अवैध शराब बेचने वालों से भी मुक्ति मिल सकती है।