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सौम्या चौरसिया के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति मामले में 8 हजार पेज का चालान पेश, 50 करोड़ की कमाई अवैध आय, ईओडब्लू के इतिहास में आय से अधिक संपत्ति का अब तक का सबसे बड़ा प्रकरण

आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईओडब्लू ने आज पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रहीं राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अफसर सौम्या चौरसिया के खिलाफ आठ हजार पन्नों का चालान अदालत में पेश किया है। जिसमें बताया गया है कि सौम्या ने भ्रष्टाचार से 50 करोड रुपए के लगभग संपत्ति अर्जित की है। 17 साल के सेवाकाल के दौरान संपत्तियों में अवैध धन का सर्वाधिक निवेश 2019 से 2022 के बीच हुआ है।

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रही राज्य प्रशासनिक सेवा की अफ़सर सौम्या चौरसिया के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में 8 हजार पेज का चालान अदालत में पेश किया है। ब्यूरो ने बताया है कि 17 साल के सेवा काल में कुल वैध आय से 1872.86% अधिक आय सौम्या चौरसिया ने अर्जित की। सौम्या चौरसिया ने लगभग 50 करोड रुपए की अवैध आय भ्रष्टाचार से अर्जित की है,जिसमें जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सौम्या चौरसिया द्वारा भ्रष्ट आय द्वारा प्राप्त अवैध धन का संपत्तियों में सर्वाधिक निवेश वर्ष 2019 से 2022 बैच के बीच किया गया है।

राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अफसर सौम्या चौरसिया के विरुद्ध लगभग 50 करोड़ की अवैध संपत्ति आय से 1872% अधिक निवेश के मामले में ईओडब्ल्यू द्वारा 8 हजार पेज का चालान पेश किया गया है। ब्यूरो के द्वारा दर्ज अपराध क्रमांक 22/2024 धारा 13 (1) (बी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित 2018) के तहत् राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रकरण दर्ज किया गया था।

कोयला, डी.एम.एफ. एवं अन्य प्रकरणों में संलिप्त रही तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया के विरुद्ध भ्रष्ट माध्यमों से अर्जित अवैध आय से संबंधित इस प्रकरण में, ब्यूरो द्वारा आज 14 अक्टूबर को विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) रायपुर में लगभग 8 हजार पन्नों का अभियोग पत्र (चार्जशीट) प्रस्तुत किया गया है।

अभियोग पत्र के अनुसार, सौम्या चौरसिया द्वारा अपने परिवार एवं अन्य व्यक्तियों के नाम पर लगभग 45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश किया जाना पाया गया है। ब्यूरो की जांच में यह प्रमाणित हुआ है कि सौम्या चौरसिया ने पद पर रहते हुए लगभग 49,69,48,298/- (उनचास करोड़ उनहत्तर लाख अड़तालीस हजार दो सौ अट्ठानवे रुपये) की अवैध कमाई की है।

डिप्टी कलेक्टर से पहले बनीं लेखाधिकारी:–

विदित हो कि वर्ष 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया की प्रथम पदस्थापना डिप्टी कलेक्टर, कार्यालय कलेक्टर जिला बिलासपुर में हुई थी। इसके पूर्व वे वर्ष 2005 में लेखाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। वर्ष 2019 में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर पदस्थ हुई थीं

अपने 17 वर्ष के सेवाकाल में सौम्या चौरसिया एवं उनके परिवार की वैध आय लगभग 2,51,89,175/- (दो करोड़ इक्यावन लाख नवासी हजार एक सौ पचहत्तर रुपये) पाई गई, जबकि उनके द्वारा लगभग 50 करोड़ रुपये की अवैध आय को विभिन्न संपत्तियों में निवेश करना पाया गया। इस प्रकार सौम्या चौरसिया द्वारा अपने सम्पूर्ण सेवाकाल में 1872.86 प्रतिशत अधिक अवैध आय अर्जित की गई है।

अब तक की ईओडब्लू की सबसे बड़ी कार्यवाही:–

ब्यूरो के इतिहास में आय से अधिक संपत्ति का यह अब तक का सबसे बड़ा प्रकरण है। जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि सौम्या चौरसिया द्वारा संपत्तियों में अवैध धन का सर्वाधिक निवेश वर्ष 2019 से 2022 के बीच किया गया।

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