कृषि भूमि पर रोक, लेकिन बिलासपुर में डायवर्टेड जमीनों की भी रजिस्ट्री बंद
बिलासपुर।राज्य सरकार ने हाल ही में आदेश जारी किया था कि अब 5 डिसमिल (लगभग 2180 वर्गफुट) से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं की जाएगी। इसका मकसद खेती योग्य भूमि को बचाना और अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाना था।
लेकिन बिलासपुर में इस नियम का दायरा बढ़ाकर शहर की डायवर्टेड (रिहायशी या व्यावसायिक) जमीनों तक फैला दिया गया है। यहां रजिस्ट्री कार्यालय में छोटे प्लॉट्स की रजिस्ट्री स्वीकार नहीं की जा रही है, जबकि शासन के आदेश में कहीं भी ऐसा उल्लेख नहीं है कि डायवर्टेड प्लॉट्स पर रोक लगाई जाएगी।
पुराने कॉलोनी क्षेत्रों में भी रुक गई बिक्री
बिलासपुर के पुराने कॉलोनी इलाकों में ज्यादातर प्लॉट 5 से 10 डिसमिल के बीच के हैं। कई लोगों के पास 10-20 डिसमिल के पुराने भू-खंड हैं, जिनमें से वे जरूरत के अनुसार कुछ हिस्सा बेचते हैं। लेकिन अब रजिस्ट्री न होने से ये सभी छोटे लेनदेन पूरी तरह रुक गए हैं। बिल्डर्स से लेआउट पास करने के नाम पर रेरा स्वीकृति और सड़क-नाली-बिजली जैसी सुविधाएं दिखाने की शर्त लगाई जा रही है, जो केवल बड़े डेवलपर्स ही पूरी कर पा रहे हैं।
राजस्व का भी नुकसान
रजिस्ट्री ठप रहने से शासन को रोजाना लाखों रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है। वहीं, आम नागरिकों के लिए यह एक गंभीर समस्या बन गई है क्योंकि रजिस्ट्री के बिना न तो वे संपत्ति का हस्तांतरण कर पा रहे हैं और न ही बैंक से लोन।सरकार ने किसानों की जमीन बचाने के लिए जो नियम बनाया था, वह बिलासपुर में भ्रष्टाचार और मनमानी का नया जरिया बन गया है। आम जनता, रजिस्ट्री वेंडर और छोटे जमीन मालिक सभी इसके शिकार हैं। ज़रूरत है कि शासन इस मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि नियम का उद्देश्य पूरा हो – जनता को परेशान करने का नहीं, व्यवस्था सुधारने का।
आमजन बोले,5 डिसमिल से भी कम जमीन का होना चाहिए रजिस्ट्री
इधर अगर किसी को छोटा जमीन चाहिए तो वह अपनी जमीन खरीदकर भी रजिस्ट्री नहीं करा पा रहा है।इसके साथ ही छोटे जमीन की खरीदी बिक्री करने वालो की हालत खराब हो चुकी है।कई ऐसे लोग भी है जो जमीन लिए थे लेकिन रजिस्ट्री नहीं करा सके थे वे भी फंस गए है।इस तरह से देखा जाए तो अब छोटा जमीन नहीं बल्कि बड़ा जमीन खरीदना होगा।जिससे बजट भी बढ़ जाएगा।