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परिसीमन के बाद प्रदेश में बढ़ेगी सीटें, 40 होंगी महिला विधायक,लोस की सीटें भी बढ़ेगी

महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल,16 अप्रैल को सदन में विशेष सत्र

महिलाओं को सशक्त एवं राजनीति में भागीदारी बढ़ाने मोदी सरकार का अच्छा प्रयास

छत्तीसगढ़ में परिसीमन के बाद होगी 40 महिला विधायक, 7 से बढ़कर 14 फीसदी तक राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़कर अब आने वाले विधानसभा चुनाव में 33 प्रतिशत होगी

बिलासपुर ।
विधानसभा तथा लोकसभा में महिलाओं को 33 व आरक्षण देने तथा राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नारी शक्ति बंदन अधिनियम 2026 सदन में 16 अप्रैल को लाया जा रहा है। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए तथा राजनीति में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने 16 अप्रैल को लोकसभा के विशेष सत्र बुलाया है। और 16 17 18 3 दिन सदन में इस बिल को लाया जाएगा और हम सब पूरे देशवासी इस नए बिल के साक्षी बनेंगे।

दरअसल भाजपा महिला मोर्चा के द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पांडे महापौर पूजा विधानी तथा भजपा महिला मोर्चा के जिला अध्यक्ष स्नेहलता शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया की लोकसभा में जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 ले जा रहा है वह महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ ही अब महिलाएं देश के विकास में अपना योगदान देगी। अब महिलाओं के लिए योजनाएं नहीं बनेगी अब महिलाएं ही देश के विकास के लिए योजना बनाएगी। हर्षिता पांडे ने कहा है कि 16 17 एवं 18 अप्रैल को नारी शक्ति वंदन अधिनियमा सदन में पेशा किया जा रहा है जिसमें देश में लोकसभा तथा विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। परिसीमन्न होने के बाद 33 ख आरक्षण लागू होने के बाद लोकसभा में लगभग 816 सदस्य होना चाहिए जिसमें 273 सीट महिलाओं के लिए होगी। देश में तथा छत्तीसगढ़ में पूर्व में 7व से अधिक महिलाओं की भागीदारी लोकसभा विधानसभा में * नहीं थी अब 2023 में छत्तीसगढ़ में 14 व महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 17 महिना विधायक है। अभी मस्जिद मध्य प्रदेश में 320 सीट में से सिर्फ 26 सेट
महिलाओं को मिलती थी जिसमें छत्तीसगढ़ में सिर्फ 6 महिला विधायक
थी। अब अकेले छत्तीसगढ़ में 40
महिला विधायक होगी। परिसीमन के
बाद छत्तीसगढ़ में 125 विधानसभा
सीट हो सकती है और चार सीट
लोकसभा की बढ़ेगी। वर्तमान में 14
महिला विधायक है। 33 प्रतिशत
माहिला आरक्षण का बिल पास होने के
बाद अब यहां छत्तीसगढ़ में 33
प्रतिशत महिलाएं यानी की 40 महिला
विधायक होगी और महिलाओं का
आरक्षण लागू होने के बाद इसे रोटेशन
के रूप में लागू किया जाएगा। ।
वर्तमान में देश के सभी राज्यों में
विधानसभा में 4000 विधायक है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026
लागू होने के बाद। पूरे देश के
विधानसभा में यह बढ़कर 6000 से
अधिक हो जाएंगे यह हो जाएंगे ।
छत्तीसगढ़ में भी लोकसभा की संख्या
बढ़ेगी। हर्षिता पांडे ने कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए
काम किया है प्रदेश में भाजपा की सरकार 15 साल रही है और मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में पंचायत चुनाव में 50 ल महिलाओं को आरक्षण दिया गया था। हमें पंचायत का फैसला महिनाएं कर रही है। लोकसभा तथा विधानसभा में भी महिलाएं जब चुनकर पहुंचेगे तो देश के विकास में अपन्ना योगदान देगी।
राजनीति में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी को लेकर महापौर पूजा विधानी ने कहा कि बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में महापौर का पद महिला के लिए आरक्षित आरक्षित नहीं था। लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट दी और वह महापौर बनी। विधानसभा में भी कुछ इस तरह के समीकरण बनेंगे। महापौर पूजा विधान शर्मा तथा विभित्र समाज की महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए यह बिल लाया जा रहा है अब आने वाले समय में राजनीति में महिलाएं सशक्त होंगी। छत्तीसगढ़ में भी रमान सिंह के कार्यकाल में राशन कार्ड बनाया गया जिसमें घर की महिलाओं को मुखिया बनाया गया तथा पंचायत स्तर पर पंच सरपंच 50 व गोत्र में महिलाएं गांव के विकास का बीड़ उठाया है।

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