बिलासपुर की मानसी को बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि की प्रावीण्य सूची में तृतीय स्थान, कांस्य पदक से सम्मानित

बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की गौरवपूर्ण उपलब्धि
बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की छात्रा मानसी चंद्राकर ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में उल्लेखनीय सफलता अर्जित करते हुए बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि सत्र 2024-25 की प्रावीण्य सूची में तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए उन्हें कांस्य पदक प्रदान किया गया। मानसी ने स्नातक स्तर पर 8.56 ओजीपीए (समग्र ग्रेड बिंदु औसत) अंक अर्जित किए।

मानसी की इस सफलता से महाविद्यालय परिवार में हर्ष और गर्व का वातावरण है। यह उपलब्धि उनकी कठोर मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ-साथ महाविद्यालय की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा व्यवस्था का प्रमाण है।
नवीन कृषि अनुसंधानों और नवाचारों से कृषि स्नातक देश की प्रगति में निभा सकते हैं महत्वपूर्ण भूमिका: राज्यपाल
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि भारत के विकास में कृषि विश्वविद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत में कृषि केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में कृषि स्नातकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नवीन कृषि अनुसंधानों, उन्नत प्रौद्योगिकियों और नवाचारों का उपयोग करते हुए देश की तरक्की में सक्रिय योगदान दें।

समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम तथा धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा भी उपस्थित थे।
11वां दीक्षांत समारोह: उपलब्धियों का भव्य उत्सव
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित इस गरिमामय समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 तक उत्तीर्ण 1,800 से अधिक छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर तथा विद्या वाचस्पति (पीएचडी) की उपाधियाँ प्रदान की गईं।
इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को कुल 13 स्वर्ण पदक, 7 रजत पदक और 2 कांस्य पदक प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, 128 शोधार्थियों को विद्या वाचस्पति, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर तथा 1,234 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधियाँ प्रदान की गईं।
दीक्षांत भाषण भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह द्वारा दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.गिरीश चंदेल ने विद्यार्थियों को दीक्षोपदेश दिया। समारोह के अवसर पर पारंपरिक शोभायात्रा भी निकाली गई।
मानसी को मिली शुभकामनाएँ
मानसी चंद्राकर की इस उल्लेखनीय सफलता पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे सहित समस्त प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
मानसी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता श्रीमती भारती चंद्राकर, पिता श्री संतोष चंद्राकर, गुरुजनों और सहपाठियों को दिया।
प्रेरणा की मिसाल
मानसी चंद्राकर की यह उपलब्धि दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प, नियमित अध्ययन और निरंतर परिश्रम से उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की जा सकती है। उनकी सफलता कृषि शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है तथा बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।