राष्ट्रीय आम महोत्सव में बाग स्थापना पर विशेषज्ञ व्याख्यान

बिलासपुर। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अवसर पर आयोजित तकनीकी सत्र में क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एस.के. वर्मा ने बाग स्थापना विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने आम सहित विभिन्न फलदार वृक्षों के वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक बागों की स्थापना से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियाँ किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों के साथ साझा कीं।

अपने व्याख्यान में डॉ. वर्मा ने बताया कि सफल बागवानी की नींव सही स्थान चयन, गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री, उचित गड्ढा तैयारी, संतुलित पोषण प्रबंधन तथा वैज्ञानिक रोपण तकनीकों पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ती तापीय परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली तथा उन्नत किस्मों को अपनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने बाग स्थापना के दौरान भूमि की तैयारी, पौधों की उचित दूरी, पौधरोपण का उपयुक्त समय, जैविक खादों के उपयोग तथा प्रारंभिक वर्षों में पौधों की देखभाल के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उन्होंने आधुनिक बागवानी में हाई-डेंसिटी प्लांटेशन, मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन जैसी तकनीकों के महत्व को भी रेखांकित किया।
डॉ. वर्मा ने किसानों को सलाह दी कि वे प्रमाणित नर्सरियों से ही पौध सामग्री प्राप्त करें तथा स्थानीय जलवायु एवं मिट्टी की परिस्थितियों के अनुरूप फल प्रजातियों और किस्मों का चयन करें। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से स्थापित बाग न केवल उत्पादन और गुणवत्ता में वृद्धि करते हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों, उद्यानिकी अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों एवं विद्यार्थियों ने बाग स्थापना से संबंधित विभिन्न तकनीकी प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. वर्मा ने विस्तारपूर्वक समाधान प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने इस व्याख्यान को अत्यंत उपयोगी बताते हुए आधुनिक फलोद्यान प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन माना।
राष्ट्रीय आम महोत्सव के इस तकनीकी सत्र ने फल उत्पादन, उद्यानिकी विकास तथा किसानों की आय संवर्धन के लिए वैज्ञानिक बागवानी तकनीकों के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।