बिलासपुर: दो पत्रकारों के खिलाफ एकतरफा FIR का कड़ा विरोध… IG और कलेक्टर को ज्ञापन… CM,HM को भी भेजी कॉपी… बोले IG और DM… पत्रकारों के साथ गलत नहीं होगा…

बिलासपुर। पत्रकार जिया खान एवं अनुज श्रीवास्तव के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को लेकर जिले के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और पत्रकार सुरक्षा संबंधी शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि गृहमंत्री तथा बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को भी भेजी गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में सिविल लाइन थाना के पुराने भवन का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें एक आरक्षक वर्दी में सोता हुआ दिखाई दे रहा था तथा एक कमरे में शराब और बीयर की बोतलें रखी हुई नजर आई थीं। यह वीडियो विभिन्न समाचार पोर्टलों और मीडिया संस्थानों में प्रकाशित हुआ था। समाचारों में पुलिस प्रशासन का पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
पत्रकारों के अनुसार इसके बाद आरक्षक मनोज साहू और एक चाय दुकान संचालक के बीच कथित बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें पत्रकारों द्वारा वीडियो सार्वजनिक नहीं करने के बदले धनराशि मांगने की बात कही गई। इसी आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने पत्रकार जिया खान, अनुज श्रीवास्तव सहित चार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली।
पत्रकार समुदाय का आरोप है कि एफआईआर दर्ज करने से पहले संबंधित पत्रकारों का पक्ष नहीं लिया गया और न ही किसी स्वतंत्र साक्ष्य की निष्पक्ष जांच की गई। उनका कहना है कि शासन और पुलिस मुख्यालय द्वारा पत्रकारों से जुड़े मामलों में कार्रवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2023 में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून के तहत पत्रकारों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित की जानी चाहिए, जिसमें पुलिस अधिकारी, जनसंपर्क विभाग के अधिकारी तथा वरिष्ठ पत्रकार शामिल हों। समिति की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।
पत्रकारों ने मांग की है कि जिया खान और अनुज श्रीवास्तव के प्रकरण को तत्काल सक्षम समिति को सौंपकर तीन दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि मामले में पत्रकार सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का पालन क्यों नहीं किया गया।
ज्ञापन में भविष्य में किसी भी पत्रकार के विरुद्ध शिकायत प्राप्त होने पर पहले समिति से जांच कराने और आरोपों की पुष्टि होने के बाद ही एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। पत्रकारों ने बिलासपुर जिले में पत्रकार सुरक्षा समिति की वर्तमान स्थिति और उसके क्रियान्वयन की जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
पत्रकार समुदाय ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी दोषी व्यक्ति को संरक्षण देने के पक्ष में नहीं है, लेकिन कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए। पत्रकारों का कहना है कि यदि तीन दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो 15 जून 2026 से चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसमें धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन और जनजागरण अभियान जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।
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आईजी और कलेक्टर बोले… पत्रकारों के साथ गलत नहीं होगा…
आईजी रामगोपाल गर्ग और कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2023 में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून का भी अवलोकन किया, फिर दोनों अफसरों ने कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ गलत नहीं होगा, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।