निविदा बांटने के नाम पर रिश्वत ले बनाई करोड़ो की संपत्ति, मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ के आठ ठिकानों में दबिश में मिले साक्ष्यों के बाद तत्कालीन मुख्य अभियंता गिरफ्तार

रायपुर। ईओडब्लू ने पद का दुरुपयोग कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने के मामले में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथी वर्मा को गिरफ्तार किया है। लगभग 5 वर्षों तक विभाग में लोक सेवक के पद पर पदस्थ रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर निवेदक कार्य आवंटित करने के बदले रिश्वत ले करोड़ों की संपत्ति बनाने वाले मुख्य अभियंता के रायपुर और बिलासपुर के 6 ठिकानो तथा उज्जैन के दो ठिकानों पर छापेमारी में मिले करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य पाने के बाद यह कार्यवाही की गई है। गिरफ्तार आरोपी को 10 दिनों की रिमांड पर लिया गया है।
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एन्टी करप्शन ब्यूरो, रायपुर में भागीरथ वर्मा, तत्का. मुख्य अभियंता लोकसेवक के पद पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में वर्ष 2019 से 2023 तक पदस्थ रहते हुए अपने पद का दुरूपयोग कर निविदा कार्य आबंटित किये जाने के एवज में अवैध रिश्वत की मांग कर अकूत सम्पत्ति अर्जित करने पर ब्यूरो में 15 जून 2026 को अपराध क्रं. 28/2026 धारा 7 एवं 11 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथासंशोधित 2018) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
प्रकरण में छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर एवं बिलासपुर में 06 स्थान एवं उज्जैन (मध्यप्रदेश) में 02 स्थानों पर रेड कार्यवाही की गई, जिसमें प्रकरण से संबंधित महत्तवपूर्ण दस्तावेज, अवैध रकम से अर्जित की गई करोड़ो रूपये के सम्पत्ति संबंधी दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य एवं अन्य महत्तवपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुये है। आरोपी सेवानिवृत्त लोकसेवक के आय से सम्पत्ति होने के संबंध में विवेचना की जा रही है। प्रकरण के आरोपी श्री भागीरथी वर्मा उर्फ भागीरथ वर्मा का प्रकरण में संलिप्तता पाये जाने से 17 जून 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय से 18 जून 2026 से 27 जून 2026 तक का पुलिस रिमांड लिया गया है। आरोपी से पूछताछ में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है।