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गए हुए लोगों की याद में नए कलाकारों को जोड़ रहा है कला संगम सांस्कृतिक मंच-सुशांत शुक्ला

मोहम्मद रफी के गीतों ने देर रात तक समा बांधा, महापौर पूजा विधानी, सभापति ने भी लिया गीतों का आनंद।

बिलासपुर। कला संगम सांस्कृतिक मंच के यादें रफी के कार्यक्रमों में शहर के कलाकारों ने मोहम्मद रफी के गीतों की जोरदार प्रस्तुति दी। देर रात तक लोग मोहम्मद रफी के पुराने गीतों का आनंद लेते रहे। कला संगम सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने देर रात तक समा बांधा एक से बढ़कर एक जीत गए। जिसमें कोयल बोली, कुहू कुहू बोले कोयलिया,पत्थर के सनम, जाने वाले जरा मुड़ के ना देखो, चाहूंगा मै तुझे, बेखुदी में सनम, हम तो चले परदेश ,मोहब्बत जिंदा रहती है, तुम मुझे यूं भुला न पाओगे, दिल का सुना साज और रेडियो में हमेशा बजने वाले गीत कहानी सुनाती है पवन आती जाती है एक था दिया एक थी बाती ,खुश रहना मेरे यार, यम्मा यम्मा के गीतों ने दर्शकों को देर तक जोड़े रखा । तरुण शर्मा तथा गिरीश त्रिवेदी के गीतों ने लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर उदयमान कलाकारों का सम्मान भी अतिथियों के द्वारा किया गया।


मोहम्मद रफी की पुण्यतिथि तथा कला संगम सांस्कृतिक मंच के संस्थापक स्वर्गीय आलेख वर्मा को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर विधायक सुशांत शुक्ला ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहां है कि गए हुए लोगों की याद में नए लोगों को गीत संगीत के क्षेत्र में जोड़ने का काम पिछले 32 सालों से लोक कला संस्कृति मंच कर रहा है। स्वर्गीय आलेख वर्मा को भी श्रद्धांजलि देते हुए सुशांत शुक्ला ने कहा कि राघवेंद्र हाल का यह कार्यक्रम एक इतिहास बनेगा । उन्होंने कलाकारों की तारीफ भी किया । महापौर पूजा विधानी ने कहा कि कला संगम सांस्कृतिक मंच शहर के नए कलाकारों को एक बड़ा मंच दे रहा है । आलेख वर्मा की स्मृति हमेशा बनी रहेगी और मोहम्मद रफी की याद में यह बहुत अच्छा कार्यक्रम हो रहा है। सभापति विनोद सोनी ने कहा कि स्वर्गीय आलेख वर्मा, भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता भी थे और समाज के लिए भी समर्पित रहे हैं और कला संगम सांस्कृतिक मंच अच्छा काम कर रहा है।


समाज सेवी प्रवीण झा भी कला संगम सांस्कृतिक मंच के कार्यक्रम को सराहा और रवि के सदाबहार गीतों का आनंद लिया। इस अवसर पर अखिल भारतीय नामदेव क्षत्रिय महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर वर्मा,श्री नामदेव फाउंडेशन के अध्यक्ष एनपी नामदेव, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव,शिवराम चौधरी,शिवकुमार वर्मा ,कैलाश चंद्र वर्मा ,राकेश वर्मा, रानू नामदेव ,संतोष नामदेव उमेश नामदेव, अनिल वर्मा ,गणेश नामदेव,सुश्री शारदा टिकनु, केपी नामदेव, अजय वैद्य, राकेश कटैलिहा , रिया कटेलिहा, स्वराज, उषा वर्मा, अभिजीत वर्मा के अलावा समाज के प्रबुद्ध जनों ने अतिथियों का पुष्प माला से स्वागत किया।
संगीत के क्षेत्र की शहर की अग्रणी संस्था कला संगम सांस्कृतिक मंच बिलासपुर के संस्था से अब्दुल अलीम और गिरीश त्रिवेदी ने बताया कि तरुण शर्मा, मंजू राव, गिरीश त्रिवेदी,योगानंद साहू ,शौर्य तिवारी एवं कनक साहू गायन से शानदार प्रस्तुतियाँ दी। वाद्य संगीत में बबलू गंधर्व (सिंथेसाइजर), प्रिंस ठाकुर (जॉर्ज ड्रम), सचिन यादव (गिटार), रूपेश मेश्राम (ऑक्टोपैड), भूपेंद्र सिंह (हैंड सैनिक), अमित शर्मा (ढोलक) धैर्य शर्मा (तबला) अपनी उत्कृष्ट संगत से कार्यक्रम को यादगार बनाया। इस अवसर पर श्री नामदेव फाउंडेशन बिलासपुर, अखिल भारतीय नामदेव क्षत्रिय महासंघ छत्तीसगढ़ के द्वारा कलाकारों का सम्मान किया गया। अतिथियों के द्वारा गायन एवं तबला वादन के क्षेत्र में शौर्य तिवारी कनक साहू तथा भैरव तिवारी को संगीत सम्मान समारोह से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने शिखर युवा मंच के भूपेश वैष्णव ,धनंजय अनुपम साथ ही अखिल वर्मा , प्रकाश त्रिवेदी, राजेश इंदौरिया, दीपक जावलकर, गणेश नामदेव ,रिंकू मित्रा ,सुरेश श्रीवास्तव,का विशेष सहयोगी रहे है। गिरीश त्रिवेदी ने अतिथियों सभी संगीत कला प्रेमियों, का आभार जताया।

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