कवि वेदुला वेंकट रमणा ‘किरण’ की कृतियों का हुआ भव्य लोकार्पण

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित वृंदावन सेमिनार हॉल में ‘कोशल काव्य धारा’ के तत्वावधान में आयोजित विशेष विमोचन समारोह में वरिष्ठ साहित्यकारों और प्रबुद्धजनों की गरिमामयी मौजूदगी में कवि वेदुला वेंकट रमणा ‘किरण’ के तीन नए काव्य संग्रह पकने से पहले का वक्त, इंतज़ार में पका अमरूद और खुलती अलफ़ाज़ की खिड़कियां का एक साथ विमोचन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गिरीश पंकज, अध्यक्ष डॉ. जगदीश कुमार डागर तथा विशिष्ट अतिथि श्री विश्वेश ठाकरे व केंद्रीय हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने इन तीनों पुस्तकों का लोकार्पण कर कवि ‘किरण’ को बधाई दी।
मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश पंकज ने कवि ‘किरण’ की रचनाशीलता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं में नए प्रतीक, नए उपमान और एक अनूठा कलेवर दिखाई देता है। उनकी ग़ज़लें और कविताएं सम्प्रेषणीय भाषा में समकालीन जीवन की विडंबनाओं, मानवीय संवेदनाओं तथा सामाजिक सरोकारों को सशक्त अभिव्यक्ति प्रदान करती हैं। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने एक साथ तीन काव्य संग्रहों के विमोचन को कवि की असाधारण सृजन क्षमता, निरंतर काव्य साधना और हिंदी साहित्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।