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अटल श्रीवास्तव बोले- गरीबों का आशियाना उजाड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आवास बनाना न नैतिक, न न्यायोचित

बिलासपुर। रायपुर जिले के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक आवास कॉलोनी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए 85 गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ना न तो नैतिक है और न ही न्यायोचित। उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय, सम्मानजनक पुनर्वास और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
अटल श्रीवास्तव ने जारी बयान में कहा कि नकटी गांव में विधायक आवास कॉलोनी के प्रस्तावित निर्माण की आड़ में भीषण बारिश के दौरान 85 गरीब परिवारों के घर बलपूर्वक हटाए गए। उनके अनुसार वर्षों की मेहनत और खून-पसीने से बने मकानों को इस तरह ढहाया जाना अत्यंत हृदयविदारक, अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और गरीब वर्ग के सिर से छत छीनकर जनप्रतिनिधियों के लिए आलीशान आवासों का निर्माण करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता। यदि विधायकों के लिए आवासीय कॉलोनी का निर्माण आवश्यक है, तो इसके लिए किसी अन्य उपलब्ध शासकीय भूमि का चयन किया जाना चाहिए, न कि गरीब परिवारों को विस्थापित कर।
‘पहले पुनर्वास, फिर निर्माण’ की मांग
कोटा विधायक ने कहा कि प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार, सम्मानजनक पुनर्वास, आवास और न्याय मिले बिना विधायक कॉलोनी के निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़नी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
निर्माण और निवास का भी किया विरोध
अटल श्रीवास्तव ने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के निर्माण और वहां जनप्रतिनिधियों के निवास का वह विरोध करेंगे। उन्होंने इस कार्रवाई को गरीब और कमजोर वर्ग के प्रति दमनकारी बताते हुए इसकी निंदा की।

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