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चौकीदार के परिजनों के बाल संप्रेक्षण गृह के सामने किया धरना प्रदर्शन,जमकर की नारेबाजी,चौकीदार की हत्या करने वाले फरार चारों आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस की तीन टीम अलग अलग जगहों पर दबिश देकर कर रही खोजबीन

रायगढ़ और कोरबा के घरों पर भी जांच जारी

बिलासपुर ।बल सुधार गृह के फरार चार लड़कों का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है।चौकीदार की हत्या करने के बाद फरार हुए चारों लड़के एक बाइक में फरार हुए है।जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

दरअसल बाल सुधार गृह में 4 लड़कों ने जेल शिफ्ट होने से पहले साजिश रचकर चौकीदार की हत्या कर दी। इसकी भनक अधिकारी और स्टाफ को नहीं लगी। पड़ताल में सामने आया कि चारों लड़कों को अलग-अलग कमरे अलॉट किए गए थे। इसके बावजूद घटना वाली रात सभी एक ही कमरे में मौजूद थे। हत्या के बाद वे दूसरे चौकीदार की बाइक लेकर फरार हो गए। अब पुलिस और प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि घटना से पहले और वारदात के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। इधर, मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिवारवाले पूरी रात और मंगलवार की दोपहर तक बाल सुधार गृह परिसर में डटे रहे। उनके साथ महिलाएं और बच्चे भी खुले आसमान के नीचे जमीन पर रात बिताते रहे।

बॉक्स
पहले जानिए कैसे की चौकीदार की हत्या

तखतपुर क्षेत्र के अरईबंद गांव निवाली नरेंद्र कुमार खांडे 40 पिछले करीब एक साल से बाल संप्रेक्षण गृह में नाइट चौकीदार के रूप में कार्यरत था। उसकी संविदा नियुक्ति हुई थी। शुरुआती जांच में पता चला कि रविवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच लड़कों ने चौकीदार के साथ मारपीट की।
उसके हाथ-पैर बांध दिए और गला दबाने के साथ मुंह में गमछा ठूंस दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस अफसरों का दावा है कि वारदात को अंजाम देने के बाद नाबालिग आरोपियों ने छत पर लगे कांटेदार तार हटाए, लकड़ी की सीढ़ी के सहारे बाउंड्रीवाल पार की और दूसरे चौकीदार की बाइक लेकर फरार हो गए।


अलग-अलग कमरों में रहते थे सभी, प्लान बनाकर एक साथ रुके

दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला कि चारों लड़कों को अलग-अलग कमरों में रखा गया था। इसके बावजूद घटना वाली रात सभी एक ही कमरे में मौजूद थे। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि उन्होंने पहले से भागने की योजना बनाई थी।
यही वजह है कि प्लान के तहत सभी लड़के रविवार की रात एक ही कमरे में रुके। भागने के लिए पहले उन्होंने दरवाजा खुलवाया, जिसके बाद चौकीदार को पकड़कर जमकर पिटाई की और फिर उसके हाथ-पैर बांधकर मौत के घाट उतार दिए।


रात भर ऊपर छत पर पड़ी रही लाश

इस वारदात के बाद पूरी रात चौकीदार की लाश पहली मंजिल पर ही पड़ी रही। इस दौरान किसी ने न तो उससे बातचीत करने का प्रयास किया और न ही पहली मंजिल में जाकर उसकी हाल चाल जाना।
सोमवार सुबह नीचे की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा चौकीदार ऊपर गया, तब उसे इस घटना की जानकारी हुई। चौकीदार की लाश देखकर उसने बाल सुधार गृह के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।


परिजनों का हंगामा, परिसर में धरना-प्रदर्शन

इस घटना से नाराज परिजन सोमवार सुबह से ही बाल संप्रेक्षण गृह के मुख्य द्बार पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और देर शाम तक शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने से रोक दिया। परिजनों ने अधिकारियों को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, दो सदस्य को शासकीय नौकरी, परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था, उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। देर शाम पुलिस अफसरों की मौजूदगी में उसके शव को अस्पताल भेजा गया।
इस दौरान परिजनों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। हालांकि, अफसरों ने उन्हें समझाइश देकर शांत करा दिया। लेकिन, बाल सुधार गृह परिसर में परिजन पूरी रात डटे रहे। इस दौरान उनके साथ महिलाएं और बच्चे भी खुले आसमान के नीचे जमीन पर सो कर रात गुजारी और दूसरे दिन दोपहर तक धरना आंदोलन चलता रहा।


घटना के बाद ऐसे फरार हुए आरोपी

जांच में सामने आया है कि, वारदात के बाद आरोपी चौकीदार की बाइक और परिसर के ताले की चाबी लेकर फरार हुए। बताया जा रहा है कि, चारों आरोपी पहले भवन की छत पर पहुंचे। वहां से छोटी छत पर उतरे और सुरक्षा के लिए लगाए गए कांटेदार तार को हटाया। इसके बाद लकड़ी की सीढ़ी के सहारे नीचे आए। जानकारी के मुताबिक दो आरोपी पहले दीवार फांदकर बाहर निकले। इसके बाद अन्य दो आरोपी चौकीदार की बाइक को बाहर लेकर पहुंचे और फिर चारों मौके से फरार हो गए।


संभावित ठिकानों पर पुलिस ने दी दबिश

इस घटना के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई है। अलग-अलग टीम फरार चारों बाल अपचारियों की तलाश के लिए अलग-अलग जगह दबिश दे रही है। लेकिन, उनका पता नहीं चल सका है।डीवीआर भी साथ ले गए बदमाश
वारदात के बाद सरकंडा थाना पुलिस, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और कलेक्टर मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया, तब पता चला है कि जाते-जाते बदमाश लड़के सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर निकाल कर साथ ले गए हैं।


सभी हो चुके थे बालिग, जेल शिफ्ट करने की थी तैयारी

पुलिस की जांच में पता चला है कि फरार हुए चारों युवक पहले से हत्या, लूट, चोरी, दुष्कर्म और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों में बंद थे। सभी आरोपी अब बालिग हो चुके हैं। बताया गया कि अपराध के समय वे नाबालिग थे, इसलिए न्यायालय के आदेश पर उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह के विशेष गृह में रखा गया था।
अब उन्हें जेल शिफ्ट करने की तैयारी चल रही थी। इसकी भनक लगने के बाद बदमाश लड़कों ने बाल सुधार गृह से भागने का प्लान बनाया।


ट्रांसफर होने के बाद भी नहीं किया गया रिलीव

मृतक चौकीदार के परिजनों ने इस घटना के लिए विभागीय लापरवाही का भी आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि नरेंद्र खांडे लंबे समय से यहां से ट्रांसफर की मांग कर रहे थे। उनका दूसरी जगह ट्रांसफर भी हो चुका था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया।बताया गया कि कुछ दिन पहले उन्होंने इस संबंध में आयुक्त कार्यालय में भी आवेदन देकर जल्द रिलीव करने की मांग की थी। इसके बावजूद उन्हें यहां से नहीं हटाया गया। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर उन्हें रिलीव कर दिया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।

वर्जन
बाल संप्रेक्षण गृह से फरार चार आरोपियों की तलाश जारी है।जिनके लिए टीम बनाया गया है।आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

प्रदीप आर्या
टीआई सरकंडा थाना

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