बाबा बैद्यनाथ में जलाभिषेक करने कांवरियों का दल रवाना

भोले भंडारी सेवा समिति सावन के महीने में 26 सालों से सुल्तानगंज से बाबा धाम तक पदयात्रा कर रहा
बिलासपुर । सावन के महीने में हर साल की तरह इस बार भी बाबा धाम जाने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। भोले भंडारी सेवा समिति बिलासपुर से भी बाबा बैद्यनाथ में जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों का जत्था बाबा धाम के लिए रवाना हुआ। पिछले 26 सालों से सतीश सिंह तथा विकास शुक्ला के नेतृत्व में भोले भंडारी सेवा समिति के श्रद्धालु लगातार बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए जा रहे हैं। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर नंगे पैर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन में जल चढ़ाने के लिए 115 किलोमीटर की पदयात्रा करते हैं। । भोले भंडारी सेवा समिति के सदस्य मैं हो गया आज साउथ बिहार एक्सप्रेस से बाबा धाम के लिए रवाना हुए बोल बम के नारों के तारों से स्टेशन गूंज उठा शहर में भी आज सैकड़ो की तादाद में शहर एवं आसपास से श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ में जल चढ़ाने रवाना हुए।

आज बोल बम, भोले भंडारी सेवा समिति के सतीश सिंह, विकास शुक्ला, सीईओ कृष्ण मोहन पांडे,रगा नादम, राजेंद्र भंडारी,विजय ताम्रकार, दिनेश निर्मलकर, पंकज तिवारी, सतीश नादम, दुर्गा सोनी,चंदू मिश्रा, हरीश राठौर, रमेश शुक्ला, बाला गुप्ता, लालू गुप्ता, राजू गुप्ता, विवेक गुप्ता, हरिकिशन सोनी, विजय शर्मा, रेजी नायर, अजय श्रीवासन, आशीष शुक्ला,, शैलेंद्र यादव ,बिट्टू शुक्ला, रणजीत सिंह ,राकेश सिद्धार्थ, राजकुमार तिवारी, एल्डरमैन शेखर पाल , शिवम पांडे, दीपक बुधौलिया,रणविजय, सहित सैकड़ो की तादाद में श्रद्धालु बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना हुए। यह श्रद्धालु 115 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे और सुल्तानगंज उत्तर वाहिनी से पवित्र गंगाजल लेकर कावर लेकर पदयात्रा करेंगे। और 13 अगस्त को बाबा बैद्यनाथ में जलाभिषेक करेंगे । तथा इसी दिन बासकी नाथ बाबा के में जलाभिषेक करने के बाद 15 अगस्त को वापसी करेंगे ।

। पिछले 26 सालों से शहर से श्रद्धालु बाबा धाम के लिए सावन महीने में पूजा करने के लिए जाते हैं और यहां मानता है कि की बाबा बैद्यनाथ जो की मनोकामना ज्योतिर्लिंग है यहां सावन के महीने में गंगाजल अर्पित करने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूरी होती है। भोले भंडारी सेवा समिति बिलासपुर शहर एवं छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना भी करेगा। सतीश सिंह तथा विकास शुक्ला ने बताया कि जब उन्होंने बाबा बैजनाथ की धार्मिक यात्रा शुरू की थी उसे समय सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पदयात्रा में निकलते थे तो कटीली रास्तों से होकर गुजरते थे। सड़क भी ठीक नहीं थी, गुढ़ियारी नदी में बारिश में बाढ़ आ जाता था। लेकिन शहर के कांवरियों ने हार नहीं मानी,लगातार गंगाजल लेकर पदयात्रा कर रहे हैं।