रतनपुर में आदिवासी दिवस की रही धूम, पारंपरिक वेशभूषा में निकली भव्य रैली गाजे-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, शिक्षा और सामाजिक एकता का दिया संदेश

रतनपुर से वासित अली की रिपोर्ट
रतनपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रतनपुर में आदिवासी समाज द्वारा हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रतनपुर एवं आसपास के आदिवासी बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पूरे नगर में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोककला की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम की शुरुआत रेस्ट हाउस के पास बड़ा देव की पूजा-अर्चना के साथ हुई इसके बाद गाजे-बाजे के साथ भव्य रैली निकाली गई। रतनपुर हाई स्कूल के पास रैली का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान आदिवासी युवक-युवतियां पारंपरिक नृत्य करते हुए उत्साह के साथ आगे बढ़े। बड़ी संख्या में समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में रैली की शक्ल में महामाया चौक पहुंचे।
रैली ने नगर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण किया, जिसके बाद महामाया चौक में आमसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सुभाष परसते अध्यक्ष युवा प्रभात सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़
जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 16 रजनी पिंटू मरकाम, जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 17 जय कुमारी प्रभु जगत, बालराम आर्मो, हरि नेताम, दिनेश मरकाम सहित आदिवासी समाज के प्रबुद्धजन मंच पर मौजूद रहे।
शिक्षा को बताया समाज की तरक्की का आधार
सर्व आदिवासी समाज बिलासपुर जिला के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक युवराज सिंह प्रधान ने समाज को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने तथा बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के हित में एकजुट होकर कार्य करने की बात कही।
उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “शिक्षा ही एक ऐसा शस्त्र है, जो किसी को लड़ने की ताकत दे सकता है। शिक्षित समाज ही समाज के उत्थान का आधार बनता है।”
एकता को बताया समाज की सबसे बड़ी ताकत
मुख्य अतिथि विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एकता में ही ताकत है। समाज के सभी लोगों को आपसी एकता और भाईचारा बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया,
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी बच्चों एवं युवक-युवतियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। आसपास के गांवों से पहुंचे समाज के लोग भी रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ विश्व आदिवासी दिवस के उत्सव में सराबोर नजर आए।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से युवराज सिंह प्रधान, धन सिह राजवाडे,जय सिंह खुसरो, सदाराम मरकाम, धुर्वे सिंह ध्रुव,सालिक राम मरकाम, रमेश मरावी, पुष्पा उईके, कैलाश नागरची, किरण नागरची, सुनीता राजवाड़े, मनीष उईके,राजेंद्र जगत, बृजभान सिंह ध्रुव ,तिलक खुरसेंगा, बी.एस. ध्रुव, दिलीप, इंदर सिंह, एच.आर. सुमन, कुमार सिंह मरावी सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।