रंगोली पर चढ़ा महंगाई का रंग

मार्बल और डोलोमाइट पावडर के दाम में तेजी
बिलासपुर- प्रवेश द्वार और आंगन में रांगोली बनाना इस बरस महंगा पड़ेगा क्योंकि रांगोली निर्माण सामग्री मार्बल और डोलोमाइट पाउडर के साथ जरूरी कलर की कीमतों में जोरदार वृद्धि हुई है।

दरअसल पर्व एवं त्यौहारों के दिन चालू हो चले हैं। तैयार हो रहीं हैं संबंधित सामग्री निर्माण और विक्रेता संस्थानें। पहली तैयारी रांगोली बनाने और विक्रेता संस्थानों में शुरू हो गई है, जहां निर्माण और अग्रिम सौदे साथ-साथ किये जा रहें हैं।मार्बल और डोलोमाइट खदानों में काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी दर में बढ़ोतरी का सीधा असर पाउडर की कीमतों पर पड़ा है। इसके अलावा परिवहन दरों में भी जोरदार बढ़ोतरी आ चुकी है। मध्य गुणवत्ता वाली रेत की कीमत भी बढ़ गई है। ऐसे में रांगोली निर्माण की यह तीनों कच्ची सामग्री उत्पादन इकाइयों को अपेक्षा से ज्यादा कीमत में खरीदनी पड़ रही है।
परिवहन दरों में वृद्धि
डीजल की कीमतों में आ रही तेजी सीधे परिवहन दरों पर भी प्रभाव डाल रही है। जरूरी है वृद्धि के बावजूद परिवहन। इसलिए रांगोली उत्पादन इकाइयां विवशता में बढ़ी हुई परिवहन दरें स्वीकार कर रहीं हैं। वृद्धि के आशंका इसलिए भी बनी हुई है क्योंकि डीजल की दरों में वृद्धि का क्रम अभी भी बना हुआ है।
अब इस दर पर
प्लेन रांगोली फिलहाल शांत है 7 रुपए किलो पर लेकिन अग्रिम सौदे के बाद खुदरा बिक्री 8 रुपए किलो पर की जाएगी। रंगीन रांगोली में प्रति किलो कीमत 9 से 10 रुपए पर जाने की प्रबल आशंका है। बताते चलें कि इस समय यह रांगोली 8 रुपए किलो पर शांत है। नया बदलाव यह कि शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में रांगोली को लेकर रुझान बढ़ता नजर आ रहा है।