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अक्षर ज्ञान चार गुना महंगा…

काॅपी- किताब भी उछले

बलौदा बाजार – ‘अ’ अनार का 15 से 20 रुपए में। ‘ए’ फॉर एप्पल 15 रुपए में। कागज में प्रिंटेड वर्णमाला की कीमत में आंशिक वृद्धि तो फिलहाल स्वीकार कर ले रहे हैं पालक लेकिन प्लास्टिक की वर्णमाला रिकॉर्ड चार गुना महंगी हो चुकी है। इसलिए फिलहाल कमजोर है इसकी खरीदी।

हैरान और परेशान हैं पालक कॉपी किताब और स्टेशनरी सामग्री की कीमतों में आई उछाल से लेकिन अनिवार्य है खरीदी, इसलिए खरीदी के दौरान कम कीमत वाली सामग्री पर पालकों का ध्यान इस वर्ष कुछ ज्यादा है। सबसे ज्यादा तेजी वर्णमाला और पेन- पेंसिल में आ चुकी है। अलबत्ता स्कूल बैग की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं।


‘अ’ अनार का…

कागज में प्रिंट ‘अ’ अनार का 15 से 20 रुपए और प्लास्टिक में प्रिंट 50 रुपए। ‘ए’ फॉर एप्पल पेपर में प्रिंट वर्णमाला 15 रुपए में लेकिन प्लास्टिक में प्रिंट वर्णमाला की कीमत 60 से 70 रुपए में उपलब्धता पालकों के होश उड़ा रही है। इसलिए शुरुआती शिक्षा के लिए जरूरी वर्णमाला की खरीदी में पालक कागज की वर्णमाला को प्राथमिकता दे रहे हैं। कीमत को देखते हुए कमजोर मांग का अंदेशा संस्थानों को पहले से ही था इसलिए कागज के ही वर्णमाला का भंडारण किया गया है।


कॉपियों में उछाल

सर्वाधिक मांग रहती है 100 पेज की कॉपियों की। इस बार इसकी खरीदी 5 रुपए ज्यादा में करनी होगी। तेजी के बाद इसमें नई कीमत 20 रुपए बोली जा रही है। 500 पेज की कॉपी की खरीदी पर 90 रुपए 550 पेज की कॉपियों की कीमत 100 रुपए पर जा पहुंची है, तो 600 पेज की कॉपियों की खरीदी के लिए 110 रुपए देने होंगे। कम ही उपयोग में आती है 650 पेज की कॉपियां लेकिन कीमत इसमें भी बढ़ चुकी है। इसमें नई कीमत 120 रुपए जा पहुंची है।


महंगी यह सामग्रियां भी

स्लेट, पेंसिल में 2 से 5% की वृद्धि हुई है लेकिन कंपास में आई तेजी पालकों के पसीने छुड़ा रही है। इसमें शुरुआती कीमत 20 रुपए बोली जा रही है लेकिन सभी सुविधा से लैस कंपास 500 रुपए तक में मिल रहे हैं। लेकिन प्लास्टिक से बनी शिक्षण सामग्रियों में जो तेजी आई है, उसने संस्थान संचालकों के भी होश उड़ा दिए हैं क्योंकि बढ़ी हुई कीमत शिक्षण सामग्रियों की कमजोर खरीदी की वजह बन रही है।

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