अब जीपीएस बताएगा सफाई कर्मचारी कहां गया, कितनी देर काम किया
डिजिटल मैप पर दिखेगा सफाई का पूरा रिकॉर्ड, रायपुर और बिलासपुर से शुरू होगी नई व्यवस्था
करीब 1400 कर्मचारियों को जीपीएस से जोड़ने की तैयारी
बिलासपुर।डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के बाद अब नगर निगम की सफाई व्यवस्था में भी बड़ा डिजिटल बदलाव होने जा रहा है। सफाई कर्मचारी किस क्षेत्र में गया, वहां कितनी देर काम किया और निर्धारित क्षेत्र में सफाई हुई या नहीं, इसकी जानकारी अब डिजिटल मैप पर दर्ज होगी। शासन स्तर पर मैकेनाइज्ड और मैकेनिकल सफाई की जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग की तैयारी चल रही है। पहले चरण में रायपुर और बिलासपुर नगर निगम को इसमें शामिल किया जा रहा है। इसके बाद व्यवस्था को प्रदेश के दूसरे नगर निगमों में लागू करने की तैयारी है।नई व्यवस्था के तहत सफाई कर्मचारियों को जीपीएस आधारित सिस्टम से जोड़ा जाएगा। करीब 1400 सफाई कर्मचारियों को जीपीएस से लैस करने की तैयारी है। कर्मचारियों की फील्ड में होने वाली गतिविधियों का रिकॉर्ड सिस्टम में दर्ज होगा। निगम के अधिकारी डिजिटल मैप के जरिए देख सकेंगे कि कर्मचारी निर्धारित क्षेत्र में पहुंचा या नहीं और वहां सफाई की गई या नहीं।
सिर्फ हाजिरी नहीं, मूवमेंट पर भी नजर
अभी सफाई कर्मचारियों की मौजूदगी और काम की निगरानी मुख्य रूप से सुपरवाइजर और जोन स्तर के अधिकारियों के भरोसे होती है। किसी सड़क या इलाके में सफाई नहीं होने पर यह पता लगाना मुश्किल होता है कि कर्मचारी मौके पर गया था या नहीं। जीपीएस आधारित व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारी की हाजिरी के साथ उसकी फील्ड में मौजूदगी और मूवमेंट का डिजिटल रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा।
डोर-टू-डोर की तर्ज पर सफाई का डिजिटल ट्रैक
नगर निगम में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ियों की जीपीएस से मॉनिटरिंग पहले से की जा रही है। अब इसी मॉडल को मैकेनाइज्ड और मैकेनिकल सफाई तक बढ़ाया जाएगा। इसके लिए सफाई के रूट और क्षेत्रों की डिजिटल मैपिंग की जाएगी। इससे अधिकारियों के पास सफाई व्यवस्था का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और जरूरत पड़ने पर कर्मचारी तथा संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय की जा सकेगी।
पहले रायपुर-बिलासपुर, फिर पूरे प्रदेश में
शासन स्तर पर तैयार की जा रही इस व्यवस्था को पहले रायपुर और बिलासपुर नगर निगम में लागू करने की तैयारी है। दोनों शहरों में इसके संचालन और परिणाम के आधार पर इसे प्रदेश के अन्य नगर निगमों तक विस्तार दिया जाएगा। इसके बाद सफाई व्यवस्था की निगरानी में केवल यह देखना ही महत्वपूर्ण नहीं होगा कि कर्मचारी कहां था, बल्कि डिजिटल रिकॉर्ड से यह भी पता चलेगा कि निर्धारित क्षेत्र में वास्तव में सफाई हुई या नहीं।
वर्जन
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की डिजिटल मॉनिटरिंग पहले से की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार मैकेनाइज्ड और मैकेनिकल सफाई की डिजिटल मॉनिटरिंग को लेकर प्लानिंग की जाएगी।
प्रवेश कश्यप
स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम