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कृषि महाविद्यालय बिलासपुर में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत प्रधानमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की पहल, छात्र-छात्राओं ने लिया नशामुक्त भारत निर्माण का संकल्प

बिलासपुर, 02 अगस्त 2026।
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में रविवार को एनएसएस इकाई द्वारा ‘माय भारत युवा कार्यक्रम’ के अंतर्गत ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, एनएसएस स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को समझा।

युवा शक्ति को नशे से बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत : अजीत विलियम्स

नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स ने कहा कि आज का युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। यदि युवा नशे से दूर रहेंगे, तो उनकी ऊर्जा, प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में होगा।

उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करते, बल्कि परिवार, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक संबंधों और अंततः पूरे समाज को प्रभावित करते हैं। नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, साथियों के दबाव या तनाव से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत निर्भरता का रूप ले सकती है। इसलिए नशे के विरुद्ध सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता, सकारात्मक वातावरण और समय रहते परामर्श है।

उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि ‘नशे को ना और जीवन को हां’ का संदेश प्रत्येक युवा तक पहुंचना चाहिए। युवा स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य युवाओं को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश की युवा शक्ति स्वस्थ, अनुशासित, जागरूक और नशामुक्त होगी।

नशीले पदार्थों के विरुद्ध युवाओं को बनना होगा परिवर्तन का वाहक : अभिनव सैनी

नशीले पदार्थों के खिलाफ छात्र राजदूत अभिनव सैनी ने कहा कि युवाओं को नशे के खिलाफ केवल शपथ लेने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने व्यवहार और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से इसके विरुद्ध सकारात्मक वातावरण तैयार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास को कमजोर करता है तथा उसके लक्ष्य से भटकने का कारण बन सकता है। युवाओं को खेल, योग, अध्ययन, रचनात्मक गतिविधियों, सामाजिक सेवा और कौशल विकास जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा यदि कम से कम एक व्यक्ति को नशे से दूर रखने में सफल होता है, तो यह अभियान निश्चित रूप से जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

नशे के स्थान पर लक्ष्य और सकारात्मक सोच को चुनें : चेतन साहू

छात्र राजदूत चेतन साहू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि युवा अवस्था जीवन का वह महत्वपूर्ण दौर है, जब व्यक्ति अपने भविष्य की दिशा निर्धारित करता है। इस समय नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर शिक्षा, कौशल, खेल और सामाजिक सेवा को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नशे से मुक्ति केवल व्यक्तिगत प्रयास नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। युवाओं को अपने आसपास के लोगों में नशे के प्रति जागरूकता पैदा करनी चाहिए तथा किसी व्यक्ति के नशे की गिरफ्त में आने पर उसका उपहास करने के बजाय उसे सहयोग और उचित मार्गदर्शन देना चाहिए।

नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव : राज प्रताप सिंह भदोरिया

नशा मुक्ति युवा मंडल क्लब के सदस्य राज प्रताप सिंह भदोरिया ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका निर्णायक है। यदि युवा स्वस्थ और नशामुक्त होंगे तो वे शिक्षा, कृषि, विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता और सामाजिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ संघर्ष केवल सरकारी अभियान नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने मित्रों और सहपाठियों को नशे से दूर रखने के लिए सकारात्मक संवाद स्थापित करें और नशामुक्त परिसर एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

स्वस्थ जीवन ही सफलता की पहली सीढ़ी : देवराज

छात्र सदस्य देवराज ने कहा कि युवाओं के लिए स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क सबसे बड़ी पूंजी है। नशीले पदार्थ व्यक्ति की शारीरिक क्षमता के साथ-साथ उसकी एकाग्रता, सोचने-समझने की क्षमता और भविष्य की योजनाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उस दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने नशामुक्ति अभियान को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर इसे नियमित सामाजिक जागरूकता गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगे : डॉ. एन.के. चौरे

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ आदतों को प्राथमिकता दें तथा नशे जैसी विनाशकारी प्रवृत्तियों से सदैव दूर रहें।

उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे भविष्य में ग्रामीण समाज, किसानों और कृषि समुदाय के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़ेंगे। यदि युवा स्वयं स्वस्थ एवं जागरूक रहेंगे, तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में भी नशामुक्ति और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचा सकेंगे।

डॉ. चौरे ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी ऊर्जा को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कृषि विकास, खेल, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के सकारात्मक कार्यों में लगाएं। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ परिवार, सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला बन सकता है।

सामूहिक रूप से ली नशामुक्त भारत की शपथ

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने नशे के दुष्प्रभावों से स्वयं को दूर रखने तथा समाज को भी नशीले पदार्थों के सेवन के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। छात्र-छात्राओं, एनएसएस स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स ने विशेष उत्साह के साथ शपथ ग्रहण में भाग लिया।

प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे, अपने परिवार एवं मित्रों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे तथा नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

नशामुक्त परिसर से नशामुक्त समाज की ओर

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शैक्षणिक संस्थान युवाओं में सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। महाविद्यालय परिसर में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को सामाजिक गतिविधियों, खेल, योग, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, एनएसएस एवं एनसीसी की गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, एनएसएस स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी संबोधन का लाइव प्रसारण देखा तथा नशामुक्त भारत के निर्माण हेतु राष्ट्रीय शपथ ग्रहण की।

कार्यक्रम का सफल आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्रहित एवं जनहित में नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने, युवाओं को नशे से दूर रखने तथा स्वस्थ, सुरक्षित, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराया। संदेश स्पष्ट था—युवा शक्ति को नशे से मुक्त कर उसकी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना ही विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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