शक्कर का अर्धशतक, गुड़ पहुंचा 65 रुपए किलो पर
और तेजी की धारणा

बिलासपुर- शक्कर 50 रुपए किलो से आगे। समर्थन उस खांडसारी का मिल रहा है, जिसमें नई कीमत 48 रुपए किलो बोली जा रही है लेकिन दोनों को पछाड़ कर आगे निकल चुका है गुड़। तीनों में गर्मी आने वाले महीनों तक बनी रहने की धारणा है क्योंकि त्यौहारी सीजन की शुरुआत हो चली है।
अक्टूबर में आएगी गन्ने की नई फसल लेकिन इस बार गन्ने का उत्पादन कम रह सकता है क्योंकि फसल वाले क्षेत्र में हो रही बारिश के बाद खेतों में जल भराव जैसी स्थिति बन रही है। गन्ना उत्पादन कमजोर रहने के आशंका के बाद से ही शक्कर, खांडसारी और गुड़ में गर्मी का दौर चल पड़ा है।

शक्कर 52 से 55 रुपए किलो
खुदरा बाजार में शक्कर प्रति किलो 52 से 55 रुपए किलो पर पहुंच गई है, तो आउटर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 60 रुपए किलो की दर पर उपभोक्ताओं को खरीदनी पड़ रही है। कम ही मांग में रही है खांडसारी लेकिन इसने भी 48 से 50 रुपए किलो जैसी उच्च कीमत अपने नाम कर ली है। आपूर्ति का प्रवाह सामान्य है लेकिन मांग में वृद्धि की पर्याप्त संभावना है क्योंकि त्यौहार एवं पर्व के दिन चालू हो चले हैं।

गुड़ गर्म
गुड़ सामान्य 60 रुपए किलो। गुड़ लड्डू 65 रुपए किलो। उपभोक्ता के साथ विक्रेता संस्थानें भी हैरत में हैं गुड़ में आ रही गर्मी को देखकर। उपभोक्ता मांग खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र की इसलिए बढ़ रही है क्योंकि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्वों की डिमांड ने दस्तक दे दी है। ऐसे में कीमत में और बढ़ोतरी की संभावना से बाजार इनकार नहीं कर रहा है।
स्टॉक लिमिट फिक्स
पर्व, त्यौहार एवं सीजन में शक्कर की कीमतें काबू में रहें इसके लिए केंद्र सरकार ने भंडारण की सीमा तय कर दी है। जिसके अनुसार निर्यातक, स्टॉकिस्ट और होलसेलर सिर्फ 4000 क्विंटल शक्कर का स्टॉक रख सकेंगे। इसके अलावा हर शुक्रवार को संबंधित विभाग के पास भंडारण, खरीदी और बिक्री का ऑनलाइन ब्यौरा भेजना होगा। नियम का पालन नहीं करने पर विधि सम्मत कार्रवाई के सख्त आदेश भी हैं।